भारतीय शटलर तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट में विमेंस सिंगल्स का खिताब जीत लिया है। रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में 17 साल की तन्वी ने वियतनाम की छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी थुय लिन्ह गुयेन को सीधे गेम में 21-16, 21-16 से मात दी। यह तन्वी का पहला बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। पंजाब की रहने वाली तन्वी ने यह मुकाबला महज 36 मिनट में अपने नाम किया। पिछले साल US ओपन सुपर 300 में उपविजेता रहीं तन्वी ने इस जीत के साथ इतिहास रच दिया है। वह 2008 में साइना नेहवाल के बाद ताइपे ओपन में महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। शुरुआत में बनाई बड़ी बढ़त, फिर मैच पर रखा नियंत्रण तन्वी ने पहले गेम की शुरुआत शानदार की और 10-2 की बढ़त बना ली। बीच में उनसे कुछ गलतियां हुईं, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में थुय लिन्ह ने 3-0 की बढ़त बनाई, लेकिन तन्वी ने लगातार अंक लेकर स्कोर 3-3 कर दिया। इसके बाद उन्होंने मैच पर पूरी पकड़ बनाए रखी और 21-16 से गेम जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। जीत के बाद कोच को पहनाया गोल्ड मेडल तन्वी को पीवी सिंधु के पूर्व मेंटर पार्क ते-सांग कोचिंग दे रहे हैं। खिताबी जीत के बाद तन्वी ने अपना गोल्ड मेडल उतारकर कोच पार्क ते-सांग के गले में डाल दिया और दोनों ने साथ में फोटो खिंचवाई। टूर्नामेंट के इतिहास की सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट 17 साल और 222 दिन की उम्र में तन्वी ताइपे ओपन के इतिहास की सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट बनीं। उन्होंने कोरिया के ली योंग डे का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2006 में 17 साल और 287 दिन की उम्र में पुरुष युगल फाइनल खेला था। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कॉमनवेल्थ गेम्स में 10वें दिन भारत को 8 गोल्ड:7 बॉक्सरों ने दिलाए, एक पैरा शॉटपुट में मिला, ट्रिपल जंप में 2 मेडल स्कॉटलैंड के ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 10वें दिन शनिवार को भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 गोल्ड मेडल जीते। इनमें 7 गोल्ड बॉक्सिंग और एक पैरा शॉटपुट से आया। भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स के एक ही एडिशन में बॉक्सिंग में 7 गोल्ड मेडल जीते हैं। पूरी खबर
