दुर्ग जिले के भिलाई में बीएसपी कर्मचारी के बेटे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दीपांशु वर्मा (22) का शव करीब 10 साल से बंद पड़े बीएसपी स्कूल परिसर में फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जिसमें लिखा है- मुझसे इतनी नफ़रत के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। मेरे शरीर को दफ़नाया नहीं जाना चाहिए, इसका अंतिम संस्कार (दाह-संस्कार) किया जाना चाहिए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पहले देखिए तस्वीरें… रोज की तरह घर से निकला था मृतक की पहचान दीपांशु वर्मा (22) के रूप में हुई है। वह कल्याण कॉलेज का छात्र था। दीपांशु के पिता बीएसपी कर्मचारी हैं। घरवालाें के मुताबिक, दीपांशु रोज की तरह घर से निकला था, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। इसी दौरान जानकारी मिली कि बीएसपी सेक्टर-4 स्थित बंद पड़े स्कूल परिसर में एक युवक का शव लटका हुआ है। सूचना पर परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे, जहां शव की पहचान दीपांशु के रूप में की गई। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। आत्महत्या की वजह साफ नहीं नोट में लिखा है- “मुझसे नफरत करने के लिए धन्यवाद। मेरे शरीर को दफ़नाया नहीं जाना चाहिए, इसका अंतिम संस्कार (दाह-संस्कार) किया जाना चाहिए।” हालांकि, नोट में किसी व्यक्ति का नाम या आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं लिखा गया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था शुरुआती जांच में पता चला कि छात्र ने बीएससी की पढ़ाई पूरी कर ली थी, लेकिन नौकरी नहीं मिल रही थी, इसलिए वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। वह साइकिल से बीएसपी स्कूल बिल्डिंग आया था और खुद ही रस्सी खरीदकर लेकर आया था। मां से 100 रुपए मांगे थे घरवालाें ने बताया कि घर से निकलने से पहले दीपांशु ने अपनी मां से 100 रुपए मांगे थे। उस समय मां नींद में थीं और उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद वह घर से निकल गया। परिवार को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और सुसाइड नोट समेत अन्य पहलुओं के आधार पर आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
