लखनऊ में आगजनी की घटना में 15 छात्रों की मौत के बाद सरगुजा में भी प्राइवेट कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों की फायर सेफ्टी जांच की गई। इस जांच में शहर के दो दर्जन से ज्यादा कोचिंग और हॉस्टल फायर सेफ्टी में फेल पाए गए हैं। अधिकतर जगहों पर इमरजेंसी फायर एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद सभी संस्थानों के संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आगजनी की घटना में 15 छात्रों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग और हॉस्टलों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में सरगुजा में फायर एंड सेफ्टी विभाग ने शहर के प्राइवेट कोचिंग संस्थानों और हॉस्टलों की जांच की। जांच में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं। दो दिनों की जांच में दो दर्जन से ज्यादा संस्थान फायर सेफ्टी ऑडिट में फेल पाए गए हैं। पतली सीढ़ियां, इमरजेंसी एक्जिट भी नहीं अंबिकापुर में कई प्राइवेट कोचिंग संस्थान ऊपरी मंजिलों पर चल रहे हैं, जहां जाने और निकलने के लिए सिर्फ पतली सीढ़ियां हैं। जांच में पाया गया कि कई जगहों पर आग बुझाने के उपकरण या तो मौजूद नहीं हैं या फिर उनकी समय सीमा खत्म हो चुकी है। इसके अलावा, आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने के लिए अलग से इमरजेंसी एग्जिट या सीढ़ियों की व्यवस्था भी नहीं है। गांधीनगर क्षेत्र में कई प्राइवेट हॉस्टल चल रहे हैं, जहां सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामियां पाई गई हैं। इन हॉस्टलों में बड़ी संख्या में स्कूली और कॉलेज की छात्राएं रहती हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। 24 संस्थाओं को नोटिस, जांच जारी फायर सेफ्टी प्रभारी अंजनी तिवारी ने बताया कि दो दिनों की जांच में प्राइवेट कोचिंग और हॉस्टलों में कई खामियां मिली हैं। कोचिंग और हॉस्टलों में अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म, आपातकालीन निकास, फायर फाइटिंग सिस्टम और अन्य जरूरी सुरक्षा व्यवस्थाएं या तो नहीं मिलीं या फिर निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। इसके लिए संस्थाओं को नोटिस जारी किया गया है। निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अंजनी तिवारी ने बताया कि संचालकों को कमियां दूर करने एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो तालाबंदी की कार्रवाई की जाएगी।
