राजधानी में एक बार फिर घर का सपना दिखाकर 3.53 करोड़ की ठगी कर ली गई है। बिल्डर का नाम मोहित सोलंकी है, जिसने सरकारी नौकरी से रिटायर बुजुर्गों, प्राइवेट नौकरी करने वाले युवा और महिलाओं से जीवनभर की कमाई तो ली, लेकिन पिछले दो साल से न तो मकान बनाकर दिया और न ही लोगों की रकम वापस की। परेशान लोग पुलिस, प्रशासन, नगर निगम और रेरा दफ्तर के कई चक्कर काट चुके हैं। करीब दो साल के बाद बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सोलंकी पर शुक्रवार को तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई। दोनों अभी फरार हैं। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि भवन निर्माण कंपनी यूके कॉन्सेप्ट डिजाइनर विजियासन देवी कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड का मैग्नेटो शॉपिंग मॉल में 441 नंबर की दुकान में आफिस था। कंपनी का प्रोपराइटर मोहित सोलंकी है। उसकी पहचान टैगोर नगर में रहने वाले कुशल बुरड़ से थी। कुशल की धरमपुरा वीआईपी रोड में 0.910 हेक्टेयर जमीन है। उसने मोहित के साथ एग्रीमेंट किया कि वो इस जमीन पर मकान बनाकर देगा। 16 जुलाई 2022 को इसका एग्रीमेंट भी हुआ। अलग-अलग तारीख में 1.57 करोड़ मकान बनाने दिए। 27 अक्टूबर 2024 को उसने मकान का काम पूरा करने 73.70 लाख और लिए। 160 दिन में प्रोजेक्ट कंप्लीट करने का वादा किया। आज तक मकान बनाकर नहीं दिया। पैसे वापस मांगने पर कहा, जो करना है कर लो। दो साल से भटक रहे
राजधानी में रहने वाले विमल शर्मा ने बिल्डर मोहित सोलंकी को मकान के लिए 36 लाख 14965 रुपए दिए। एक साल के भीतर मकान देने का वादा किया, अभी दो साल से अपने ही घर के लिए भटक रहे। जीवनभर की कमाई गई
केआर कृपाल ने बरसों की जोड़ी रकम 50 लाख मकान का सपना पूरा करने के लिए दिया। बिल्डर ने अधूरा मकान बनाकर छोड़ दिया। अब न तो पैसे वापस मिल रहे और न ही मकान का काम पूरा हो रहा। बैंक किस्त हर महीने जा रही
राजधानी के ही तिलक राम पटेल ने मकान खरीदने के लिए 24.22 लाख जमा करा दिए। बिल्डर ने दावा किया एक साल के भीतर मकान मिल जाएगा। लेकिन आज तक अपने मकान के लिए पुलिस के पास भटक रहे। पोस्ट डेटेड चेक भी बाउंस हो गया
बिल्डर से पीड़ित राजेश पांडे, हेमंत पुजारा और अंकित गुप्ता ने बताया कि रकम लौटाने के लिए दिए गए पोस्ट-डेटेड चेक भी बाउंस हो गए। उपभोक्ता फोरम में शिकायत की गई, लेकिन फैसला नहीं आया है। एफआईआर नहीं होने से उसका हौसला बढ़ा है। कई लोगों से अनुबंध किए हैं। पीड़ितों का आरोप है कि दबाव बढ़ने पर वह विदेश चला जाता है। इस बीच लोग बैंक किस्त लगातार चुका रहे हैं। बिल्डर और पिता पर केस दर्ज
भवन के नाम पर 36 लाख रुपए लेकर काम अधूरा छोड़ने और राशि वापस नहीं करने के आरोप में तेलीबांधा पुलिस ने बिल्डर मोहित सोलंकी और उसके पिता पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शाश्वत नगर, बोरियाखुर्द के विमल शर्मा ने शिकायत में बताया कि 10 दिसंबर 2022 को उसने बिल्डर से अनुबंध किया था। पीड़ित लोगों की शिकायतों पर राजेंद्र नगर और तेलीबांधा थाने की टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर मोहित सोलंकी और उसके पिता गुलाब सोलंकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
-डॉ. संजीव शुक्ला, कमिश्नर रायपुर पुलिस
