छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता पावर प्लांट हादसे में अब तक 20 मौतें हो चुकी हैं। 4 की मौके पर ही जान गई, जबकि 14 की मौत रायगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में हुई। 2 की मौत रायपुर के कालड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। रायपुर में बिहार के रहने आकिब खान और झारखंड के रहने वाले अब्दुल करीम की मौत हुई है। अब्दुल की शादी 20 दिन पहले ही हुई थी। 13 अप्रैल यानी बीते सोमवार को ही आकिब नौकरी पर लौटे थे। वहीं कुल 36 लोग इस हादसे में झुलसे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मजदूर बॉयलर ब्लास्ट के बाद निकली 500-600°C तक गर्म स्टीम की चपेट में आए होंगे, जिससे गंभीर रूप से झुलस गए। 16 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। इनमें से दोनों का इलाज रायपुर के कालडा हॉस्पिटल में चल रहा है। डॉ कालडा ने बताया दोनों की हालत बहुत नाजुक है। 90% बॉडी जल चुकी है। दोनों के लिए अगले 48 घंटे बहुत क्रिटिकल हैं। वहीं भास्कर के हाथ एक वॉट्सऐप चैट भी लगा है। इसमें पावर प्लांट एडमिनिस्ट्रेशन ने 27 मार्च से एक सप्ताह तक यूनिट शटडाउन करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। नीचे अगले चैट में सेफ्टी ट्रेनिंग की बात कही गई है। साथ ही लिखा है, इस ट्रेनिंग में हाल ही में हुई 2 घटनाओं के बारे में बताया जाएगा। लेकिन ये स्पष्ट नहीं दिख रहा है कि किन 2 घटनाओं के संबंध में बात की जा रही है। वहीं वर्कर्स ने बताया कि पिछले महीने भी 2 हादसे हुए थे। इसलिए शटडाउन किया गया था। पढ़िए ये रिपोर्ट… पहले देखिए ये तस्वीरें- साथियों ने बताया- लोग चीखते हुए भाग रहे थे अपने घायल साथियों को लेकर रायपुर अस्पताल पहुंचे विजय ने बताया कि करीब डेढ़ बज रहे थे। हम लोग लंच करके बाहर निकले ही थे कि देखे बॉयलर में बहुत तेज धुंआ उठा। आस-पास खड़े लोग सुपरहीटेड स्टीम की चपेट में आए। लोग चीखते हुए बाहर निकले। जो जहां तक भाग पाया भागा। मैं हादसे वाली जगह से 200 मीटर की दूरी पर था। हम लोग तुरंत रेस्क्यू के लिए भागे। वहीं फैक्ट्री के ही एक अन्य वर्कर राजा आलम ने बताया कि मेरी नाइट ड्यूटी थी। मैं कमरे में आराम कर रहा था। ये कमरा हादसा वाली जगह से 500 मीटर दूरी पर है। बॉयलर फटने पर जोरदार आवाज आई। मैं कमरे से बाहर निकलकर आया। रायपुर आने से पहले ही दो की मौत, दो बेहद गंभीर डॉ कालडा ने बताया कि हॉस्पिटल आने से पहले ही 2 मरीजों की मौत हो गई थी। वहीं 2 की हालत बेहद गंभीर है। स्किन के भीतर की लेयर्स तक जल चुकी है। चमड़ी शरीर से निकल चुकी है। बॉयलर से निकली हुई स्टीम ने रेस्पिरेटरी सिस्टम को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके चलते अंदर सूजन हुई है। दोनों को वेंटिलेटर पर रखा गया है। अभी कुछ भी नहीं जा सकता। अपनी शादी से लौटे अब्दुल की मेंहदी तक नहीं छूटी थी रायपुर लाने से पहले ही अब्दुल करीम की मौत हो गई। साथियों ने बताया कि 20 दिन पहले ही अब्दुल की शादी हुई थी। सोमवार को ही काम पर वापस लौटे थे। हाथों की मेंहदी तक नहीं छूटी थी। करीम बहुत खुश थे, नई नौकरी की तलाश में लगने वाले थे। ताकि पत्नी के साथ शिफ्ट हो सकें। लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई। अब इस बात की खबर उनकी पत्नी को नहीं दी गई है। हाल ही में हुए थे 2 हादसे, प्लांट को किया गया था शटडॉउन ऑफ कैमरा वर्कर्स ने बताया कि पिछले महीने भी इसी यूनिट में 2 और हादसे हुए थे। जिसके बाद 27 मार्च से लेकर अगले 1 सप्ताह तक यूनिट का शटडाउन कर दिया गया। वॉट्सऐप ग्रुप में इससे संबंधित 2 मैसेज भी किए गए थे। पहले मैसेज में लिखा है फैक्ट्री में 27 मार्च 2026 से शटडाउन काम शुरू होगा। यह काम लगभग 1 हफ्ते तक चलेगा। इस दौरान ड्यूटी टाइम बदल सकता है, सभी कर्मचारियों को दिए गए शेड्यूल के अनुसार ही काम करना होगा। वीक ऑफ और छुट्टियां नहीं मिलेंगी। काम को सही तरीके से पूरा करने में आपका सहयोग जरूरी है, होने वाली असुविधा के लिए खेद जताया गया है। इसके बाद एक और मैसेज किया गया है। जिसमें लिखा है 23 मार्च को एक मास TBT (टूल बॉक्स टॉक) अवेयरनेस मीटिंग रखी गई है। इस मीटिंग में कर्मचारियों को सुरक्षित तरीके से काम करने के नियम समझाए जाएंगे और हाल ही में हुई 2 घटनाओं के बारे में बताया जाएगा। यानी उन घटनाओं से क्या गलती हुई और क्या सीख लेनी है, यह समझाया जाएगा। 500-600 डिग्री तक गर्म स्टिम के चपेट में आए होंगे वर्कर्स पावर प्लांट में बॉयलर पानी को बहुत ज्यादा तापमान (500°C+ तक) और दबाव (हाई प्रेशर) पर भाप में बदलता है। यही भाप टरबाइन घुमाकर बिजली बनाती है। धमाके के बाद जो भाप निकलती है, वो 600°C तक गर्म हो सकती है। ये बहुत तेज गति से बाहर निकलती है। इससे त्वचा तुरंत जल जाती है, सांस के जरिए अंदर जाने पर फेफड़े जल सकते हैं। कुछ सेकंड में ही व्यक्ति बेहोश या मौत हो सकती है। इसलिए कई बार लोग धमाके से नहीं, भाप के संपर्क में आने से मरते हैं। इस केस में भी ऐसा ही हुआ है। उदाहरण के तौर पर प्रेशर कुकर अगर बहुत ज्यादा दबाव में आ जाए और सेफ्टी वाल्व काम न करे, तो वह फट सकता है। बॉयलर उसी का बहुत बड़ा और ज्यादा खतरनाक रूप है। ग्राफिक से समझिए बॉयलर कैसे करता है काम- ……………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… वेदांता प्लांट हादसा, अपनों को ढूंढने रातभर भटकते रहे परिजन: कहा- 5-5 अस्पताल खंगाले, न जानकारी मिली न लिस्ट, सुबह मौत की खबर आई सक्ती जिले के वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ब्लास्ट ने 20 जिंदगियां छीन लीं। इस हादसे के बाद परिजन अपनों की तलाश में भटकते रहे। रात करीब 3 बजे तक सक्ती और रायगढ़ के 5 अस्पतालों के चक्कर काटते रहे। पढ़ें पूरी खबर
