छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के हरिगवां गांव की महिला सरपंच को सार्वजनिक कार्यक्रम में भाजपा नेता ने माला पहना दिया। इस घटना को खैरबार समाज ने मर्यादा के खिलाफ माना और महिला सरपंच सहित उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया है। मनबसिया बाई 1 साल पहले पंचायत चुनाव जीतकर सरपंच बनी थी। जीत के बाद शपथ ग्रहण समारोह रखा गया था। जहां मंच पर भाजपा नेता मंशाराम साहू ने सरपंच के सम्मान में माला पहनाई थी। इस शपथ कार्यक्रम में गांव के लोग भी शामिल हुए थे। परिवार का दावा है कि, इस घटना के बाद उन्हें सामाजिक कार्यक्रमों में नहीं बुलाया जाता। समाज ने उन्हें दोबारा शामिल करने के लिए सामाजिक दंड के रूप में बकरा-भात खिलाने की शर्त भी रखी है। मामला वाड्रफनगर ब्लॉक का है। माला पहनाने को समाज ने माना अनुचित महिला सरपंच के पति देवेंद्र खैरबार ने कहा कि किसी महिला को जयमाला उसके पति ही पहनाते हैं। किसी अन्य पुरुण का महिला को माला पहनाना सामाजिक तौर पर अनुचित माना जाता है। एक साल से परिवार को न्यौता नहीं देवेंद्र खैरबार ने बताया कि पिछले करीब एक साल से उन्हें और महिला सरंपच को किसी भी सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए न्यौता नहीं दिया जा रहा है। समाज के लोगों ने मुंह फेर लिया है। समाज में दोबारा शामिल करने के लिए बकरा-भात खिलाने की शर्त रखी गई है। जबरन वसूली के आरोप, थाने में शिकायत महिला सरपंच मनबसिया ने भाजपा नेता पर पंचायत के कामों में बाधा डालने और जबरन वसूली का आरोप लगाते हुए रघुनाथनगर थाने में शिकायत भी की है। पूछताछ के लिए भाजपा नेता को थाने भी बुलाया गया था। थाने में शिकायत के साथ-साथ बलरामपुर एसपी और सरगुजा आईजी को भी शिकायत भेजी गई है। फिलहाल मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। थाना प्रभारी धीरेंद्र तिवारी ने जांच की बात कही। भाजपा नेता पर परेशान करने का भी आरोप सरपंच का कहना है कि मंशाराम साहू की ओर से पंचायत के विकास कार्यों में लगातार रुकावट पैदा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुरमीकरण सहित अन्य विकास कार्यों को भी प्रभावित किया जा रहा है। इसके अलावा, उन्हें परेशान कर पैसों की डिमांड की जा रही है। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 20 सालों से सामाजिक बहिष्कार, बेटे-बेटी की नहीं हो रही शादी: समाज ने लगाया था 250 रुपए का जुर्माना, नहीं जमा कर सके तो नाता तोड़ा बलरामपुर जिले में सामाजिक बैठक में शामिल नहीं होने पर समाज ने 250 रुपए का जुर्माना लगा दिया। जुर्माने की रकम नहीं अदा करने पर परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। 20 सालों से परिवार समाज से बहिष्कृत होने के कारण अब बेटे-बेटियों की शादी भी नहीं हो पा रही है। मामला शंकरगढ़ थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
