छत्तीसगढ़ में बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा रोड पर बना पुल अचानक 2 हिस्सों में टूट गया। इस दौरान पुल से गुजर रही एक यात्री बस वहीं फंस गई। घटना रविवार शाम 5 बजे की है। सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बांसाझाल स्थित यह पुल 35 साल पुराना है। बिलासपुर-जबलपुर निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 पर बना है। पुल पहले से जर्जर था, लगातार बारिश के बाद यह घटना हुई। बस का अगला हिस्सा टूटे हुए स्लैब के किनारे अटक गया, जिससे बस नदी में गिरने से बाल-बाल बच गई। पुल टूटने से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के साथ-साथ मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल और छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ से सीधा संपर्क टूट गया है। बिलासपुर-रतनपुर हाईवे पर आवागमन बंद करा दिया गया है। प्रशासन ने कई रूट डायवर्ट कर दिए हैं। पहले देखिए तस्वीरें… पुल टूटने के बाद वैकल्पिक मार्ग बिलासपुर → कोटा → बेलगहना → कोंचरा → खोंगसरा → मरही माता → गोरखेड़ा तिराहा गोरखेड़ा तिराहा से दो मार्ग गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अमरकंटक रूट
केवची → आमाडोब → कबीर चबूतरा → अमरकंटक पुल टूटने से इन क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित बांसाझाल पुल टूटने का असर सीधा संपर्क प्रभावित मध्य प्रदेश से कनेक्टिविटी प्रभावित छत्तीसगढ़ के प्रभावित क्षेत्र पुल टूटते ही दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार हादसे के बाद बिलासपुर-रतनपुर-पेंड्रा मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। पुल ध्वस्त होने से सड़क के दोनों ओर यात्री बसों, निजी वाहनों और मालवाहक ट्रकों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्री घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। पुलिस ने तत्काल यातायात रोककर लोगों को पुल के पास जाने से मना किया। कई जिलों और मध्यप्रदेश का सड़क संपर्क प्रभावित बांसाझाल पुल टूटने का असर पूरे क्षेत्र की आवाजाही पर पड़ा है। इस मार्ग से पेंड्रा, गौरेला, अमरकंटक के अलावा मध्यप्रदेश के जबलपुर और शहडोल तथा छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है। यह मार्ग उत्तर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है, इसलिए यातायात पूरी तरह ठप होने से यात्रियों और परिवहन व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है। प्रशासन ने संभाला मोर्चा, डायवर्जन की व्यवस्था शुरू घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ वैकल्पिक मार्गों से यातायात बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि अगली सूचना तक बिलासपुर-पेंड्रा मार्ग का उपयोग न करें और प्रशासन द्वारा निर्धारित डायवर्जन मार्गों का ही इस्तेमाल करें। जर्जर पुल पर फिर उठे सवाल बांसाझाल पुल के अचानक ढहने के बाद इसकी हालत और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल काफी समय से जर्जर स्थिति में था और इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण की मांग लगातार की जा रही थी। अब इस हादसे के बाद पुल के ध्वस्त होने के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… ग्राउंड रिपोर्ट: 510 करोड़ की सड़क पर जगह-जगह दरारें, पैर घुस रहे: रतनपुर-पेंड्रा NH बनने से पहले धंसा, लोग बोले- मिट्टी डालकर डामर बिछा दी त्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में रतनपुर से पेंड्रा तक 97 किमी की सड़क बनाई जा रही है। यह नेशनल हाईवे-45 परियोजना का हिस्सा है। 510 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क ने पहली ही बारिश में जवाब देना शुरू कर दिया है। कहीं लंबी-लंबी दरारें हैं, कहीं सड़क धंस रही है, तो कहीं किनारे टूटने लगे हैं। डामर की परत में 5 से 10 फीट लंबी दरारें दिखाई दे रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
