छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के ग्राम बरबसपुर में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर विरोध पर बैठे ग्रामीणों के सामने ही पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आबकारी अधिकारी को फोन पर ही खरी खोटी सुनाई। उन्होंने अधिकारी को धमकाते हुए कहा कि बरबसपुर में कोई दारू की दुकान नहीं खुलेगी। उन्होंने कहा, बेवजह चर्चा कर रहा हूं। बेवकूफ यहां गांव की महिलाएं रात-दिन भूखी-प्यासी बैठी हुई हैं। यदि दुकान खोलने की कोशिश की तो सोच लेना क्या अंजाम होगा। इस मामले पर आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि यदि क्षेत्रवासी शराब दुकान नहीं चाहते तो बरबसपुर में दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं हुआ था, आबकारी विभाग की टीम केवल संभावित जगह देखने गई थी। शुक्रवार को रामपुर की देसी शराब दुकान को बरबसपुर मुख्य मार्ग पर शिफ्ट करने की तैयारी की खबर मिलते ही ग्रामीणों, खासकर महिलाओं ने इसका जोरदार विरोध किया। निरीक्षण के लिए पहुंची आबकारी विभाग की टीम को विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा। विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि शराब दुकान खुलने से क्षेत्र का माहौल खराब होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रामपुर स्थित शराब दुकान को हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। अब जानिए पूरा मामला दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को बरबसपुर में शराब दुकान खोलने की खबर फैली। जानकारी मिलते ही गांव की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रस्तावित दुकान के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो दिन बाद रविवार को ग्रामीणों के बुलावे पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों का समर्थन किया। धरना स्थल से जयसिंह अग्रवाल ने सरकार और आबकारी विभाग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब पूरा गांव शराब दुकान का विरोध कर रहा है, तो विभाग को जबरन दुकान खोलने का प्रयास नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बरबसपुर में किसी भी कीमत पर शराब दुकान नहीं खुलने दी जाएगी और जरूरत पड़ने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। पूर्व मंत्री ने धरने के दौरान ग्रामीणों के सामने ही आबकारी अधिकारी राकेश राठौर से फोन पर बात की और अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की भावनाओं के खिलाफ कोई फैसला बर्दाश्त नहीं होगा। जानिए पूर्व मंत्री की अधिकारी से क्या हुई बात पूर्व मंत्री ने कहा, बरबसपुर में कोई दारू की दुकान नहीं खुलेगी। यदि दुकान खोलने की कोशिश की तो सोच लेना क्या अंजाम होगा। गांव वालों पर कोई दबाव मत बनाना। उन्होंने आबकारी अधिकारी से कहा कि ऐसा ही बोलूंगा। सुन ले। तू टेप कर ले इस बात को। मैं ऐसा ही बोलूंगा। तू कांग्रेस का विधायक होगा चल छोड़। मेरे को बताने की जरूरत नहीं है। कोई तोप है क्या तू। बेवजह चर्चा कर रहा हूं। बेवकूफ यहां गांव की महिलाएं रात-दिन भूखी-प्यासी बैठी हुई हैं। यहां आकर डिक्लेयर करो इनके सामने कि यहां भट्ठी नहीं खुलेगी। राइटिंग में नोटिफिकेशन दो कि यहां शराब दुकान नहीं खुलेगी। समझ गया। पूर्व मंत्री ने कहा, गलतफहमी में नहीं रहना। मंत्री-वंत्री बहुत देखे हैं मैंने। मैं भी मंत्री रहा हूं। मंत्री कोई भगवान नहीं होता। तुम्हारे मंत्री की हवस तुम लोग पूरी कर रहे हो। हर दुकान में ओवर रेट तुम लोग ले रहे हो। नकली दारू तुम बेच रहे हो। अवैध दारू तुम बेच रहे हो और मेरे को समझा रहे हो। आबकारी मंत्री पर भी बोला हमला इस दौरान जयसिंह अग्रवाल ने राज्य के वाणिज्य एवं आबकारी मंत्री पर भी हमला बोला। जयसिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री अपने ढाई साल के कार्यकाल में कोई उपलब्धि नहीं गिना सकते, और प्रदेश में अवैध शराब व ओवररेट पर बिक्री लगातार जारी है, जिस पर विभाग ध्यान नहीं दे रहा। धरने में शामिल मकान मालिक ने भी स्पष्ट कर दिया कि वह अपना भवन शराब दुकान के लिए नहीं देगा। पूर्व मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे इस लड़ाई में अंत तक उनके साथ रहेंगे। वहीं, इस पूरे मामले पर आबकारी मंत्री की प्रतिक्रिया भी सामने आई। मंत्री ने कहा कि यदि क्षेत्रवासी शराब दुकान नहीं चाहते तो बरबसपुर में दुकान नहीं खोली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक दुकान खोलने का कोई निर्णय नहीं हुआ था, आबकारी विभाग की टीम केवल संभावित जगह देखने गई थी। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रामपुर में शराब दुकान शिफ्टिंग का विरोध, महिलाएं सड़क पर:पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने भी किया समर्थन, आबकारी टीम वापस लौटी कोरबा के रामपुर में देसी शराब दुकान को बरबसपुर मुख्य मार्ग पर स्थानांतरित करने की आबकारी विभाग की तैयारी का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। शुक्रवार को निरीक्षण करने पहुंची आबकारी विभाग की टीम को महिलाओं के विरोध का सामना करना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर…
