छत्तीसगढ़ के दुर्ग हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय तिवारी के खिलाफ वित्तीय, प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताओं की शिकायतों की जांच अब उच्च स्तरीय समिति करेगी। राज्यपाल और कुलाधिपति रमन डेका ने 4 सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। समिति की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल करेंगे। समिति को 30 दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की शिकायत के बाद हुई है। विधायक ने 28 मई को राज्यपाल को पत्र लिखकर कुलपति के खिलाफ 6 अलग-अलग मामलों में जांच कराने की मांग की थी। इससे पहले 14 मार्च को कुलपति प्रो. संजय तिवारी ने अगली परीक्षाओं के लिए उत्तरपुस्तिकाओं की खरीदी को लेकर एक पत्र जारी किया था। इसमें उन्होंने पिछली बार खराब गुणवत्ता के कागज के कारण हुई परेशानियों का जिक्र करते हुए एम/एस श्रीराम प्रिंटर्स पर नियमों और प्रक्रिया के तहत विचार करने की अनुशंसा की थी। विधायक देवेंद्र ने इसे नियम विरुद्ध और मनमानी बताते हुए इसकी शिकायत राज्यपाल से की थी। शिकायत में लगाए गए ये 6 बड़े आरोप पहला आरोप: विधायक देवेंद्र यादव ने अपने पत्र में सबसे पहला आरोप उत्तरपुस्तिकाओं की खरीदी को लेकर लगाया। उनका कहना है कि मार्च 2026 में करीब 12 लाख उत्तरपुस्तिकाओं की खरीदी के लिए निविदा निकाली गई थी। आरोप है कि सबसे कम दर देने वाली शासकीय संस्था संवाद के बजाय एक निजी फर्म के पक्ष में अनुशंसा की गई और बाद में उसी फर्म को काम देकर 40 लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान किया गया। दूसरा आरोप: नए पाठ्यक्रमों को लेकर शिकायत में कहा गया है कि MBA, MCA, PGDBM सहित 8 नए कोर्स शुरू करने के लिए AICTE और RCI से निरीक्षण कराया गया, जबकि उससे पहले राज्य शासन से जरूरी अनुमति नहीं ली गई। साथ ही एक ही विभागीय संस्था को अलग स्वरूप में दिखाकर मान्यता लेने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया है। तीसरा आरोप: करीब 40 लाख रुपए की पुस्तकों की खरीदी के मामले में विधायक का कहना है कि, बिना विधिवत निविदा प्रक्रिया अपनाए सिर्फ मौखिक निर्देश पर 380 पुस्तकें खरीद ली गईं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चौथा आरोप: अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर शिकायत में कहा गया है कि, मई महीने में ही पांच विषयों के लिए 15 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई, जबकि संबंधित विभाग शुरू नहीं हुए थे और उनमें विद्यार्थियों का प्रवेश भी नहीं हुआ था। पांचवां आरोप: English Legal Language विषय की परीक्षा को लेकर विधायक का कहना है कि, करीब 400 विद्यार्थियों में से लगभग 380 ने उत्तर हिंदी में लिखे, जिसके कारण वे पहले अनुत्तीर्ण घोषित हुए। बाद में छात्र आंदोलन की आशंका को देखते हुए नियमों के विपरीत पुनर्मूल्यांकन कर सभी को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया। छठा आरोप: विधायक ने पत्र में लिखा है कि कुलपति कई महत्वपूर्ण वित्तीय और प्रशासनिक मामलों को कार्यपरिषद की मंजूरी के लिए नहीं रखते, जबकि नियमों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक राशि के मामलों में कार्यपरिषद की स्वीकृति जरूरी होती है। अब राज्यपाल ने बनाई 4 सदस्यीय जांच समिति राजभवन की ओर से जारी आदेश के अनुसार जांच समिति के अध्यक्ष छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार गोयल होंगे। समिति में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, उप सचिव निधि साहू सदस्य बनाए गए हैं, जबकि अवर सचिव अनुभव शर्मा को संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। समिति को 30 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपनी होगी। जांच समिति बनने पर बोले देवेंद्र- जल्द जांच हो और कार्रवाई हो जांच समिति के गठन के बाद विधायक देवेंद्र यादव ने कहा कि, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय तिवारी के खिलाफ वित्तीय, प्रशासनिक और शैक्षणिक अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच बिना किसी दबाव के हो और जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर कार्रवाई की जाए। देवेंद्र यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कई मामलों में नियमों की अनदेखी कर फैसले लिए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य और विश्वविद्यालय की साख पर असर पड़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि छात्रहित में राज्यपाल इस मामले में जल्द उचित निर्णय लेंगे।
