आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा, ‘पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और E 20 के बीच चुनने का विकल्प दिया जाए। अगर ये मांग नहीं मानी जाती है तो 4 अगस्त को पीएम आवास तक मार्च निकाला जाएगा।’ यह बात केजरीवाल ने E20 फ्यूल के मुद्दे पर बुलाई ‘नेशनल टाउन हॉल’ में कही। उन्होंने बताया कि वे 3 अगस्त की दोपहर तक याचिकाएं इकट्ठा करेंगे। इसके बाद करीब 100 लोगों के साथ पीएम आवास तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर इथेनॉल फायदेमंद नहीं है, तो इसे बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है। सरकार नागरिकों पर इसे क्यों थोप रही है। इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से फायदा हुआ है। अगर ऐसा नहीं करते तो ईरान संकट के दौरान पेट्रोल की कीमत 125 रुपए प्रति लीटर से भी ज्यादा हो सकती थी। केजरीवाल बोले- इथेनॉल पेट्रोल से महंगा केजरीवाल ने कहा, ‘इथेनॉल बनाने वाले प्लांट के आस-पास के इलाकों में जमीन के नीचे का पानी प्रदूषित हो जाता है। मेरी सरकार से अपील है कि वह उस रिपोर्ट को सार्वजनिक करे, जिसका हवाला देकर सरकार ने दावा किया था कि E20 से वाहनों को कोई नुकसान नहीं होता है। नेशनल टाउन हॉल’ में कई राज्यों के लोग शामिल हुए। उन्होंने E 20 के इस्तेमाल को लेकर अपने अनुभव और समस्याओं के बारे में बताया जिनका सामना उन्हें अपने वाहनों के साथ करना पड़ रहा है। E20 फ्यूल से दोपहिया वाहन खराब हो रहे भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है। इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। AAP ने PM को संबोधित ऑनलाइन याचिका शुरू की थी AAP ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ऑनलाइन याचिका शुरू की थी, जिस पर दो लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार के कार्यक्रम के बाद, वह प्रधानमंत्री आवास जाकर यह याचिका सौंपेंगे। केजरीवाल बोले- 30 करोड़ गाड़ियों को ‘कबाड़’ बना रही सरकार आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने29 जुलाई को कहा कि मोदी सरकार पर जनता पर जबरन E-20 पेट्रोल थोपने और ऑटोमोबाइल कंपनियों पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। उन्होंने दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि देश की सड़कों पर 2023 से पहले की बनी लगभग 30 करोड़ गाड़ियां दौड़ रही हैं, जिन्हें मोदी सरकार E-20 पेट्रोल का इस्तेमाल करवाकर कबाड़ बनाने पर तुली हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
