कांग्रेस बोली-2014 से अब तक 152 पेपर लीक,7.5 करोड़ प्रभावित:चरणदास महंत बोले- पेपर लीक का संकट अब राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है

‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत कांग्रेस ने आज देशभर में एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रायपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि साल 2014 के बाद देश में 150 से अधिक पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक का संकट अब राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है। डॉ. महंत ने बताया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशभर में ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की शुरुआत की है। अभियान की शुरुआत कोटा से हुई, जिसके बाद देहरादून में आयोजित महारैली के माध्यम से पेपर लीक के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयां इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठा रही हैं और छात्रों के हित में सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रही हैं। चरणदास महंत बोले- 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित चरणदास महंत ने दावा किया कि साल 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से देशभर में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी भी बड़े आरोपी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि लाखों युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए औसतन पांच सालों तक प्रतिदिन करीब 10 घंटे पढ़ाई कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। इस दौरान उनके परिवार भी आर्थिक और मानसिक रूप से उनका साथ देते हैं। इसके बावजूद हर साल करीब 9 करोड़ अभ्यर्थी केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। यानी लगभग 150 अभ्यर्थियों में से सिर्फ एक को ही सरकारी नौकरी मिल पाती है। ‘परीक्षा पत्र लाखों रुपए में बिकने का दावा’ डॉ. महंत ने दावा किया कि छात्रों और जनचर्चा के अनुसार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लाखों रुपए में बेचे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET UG-2026 का पेपर 40 लाख रुपए, IIT-JEE 2021 का 15 लाख रुपए, उत्तराखंड पटवारी भर्ती 2025 का 15 लाख रुपए, बिहार शिक्षक भर्ती 2024 का 10 लाख रुपए और ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 का प्रश्नपत्र 25 लाख रुपए में बेचा गया। जगदलपुर की छात्रा की आत्महत्या का भी किया जिक्र नेता प्रतिपक्ष ने जगदलपुर के अड़ावल की छात्रा सुरला हारिका राव की आत्महत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि छात्रा ने NEET-2 के परिणाम से निराश होकर आत्महत्या की। महंत ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और बार-बार परीक्षाएं रद्द होने से छात्रों में निराशा बढ़ रही है, जिसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि साल 2024 में भी NEET पेपर लीक मामले से लाखों छात्रों की मेहनत प्रभावित हुई थी। उनका आरोप है कि इस मामले में सरकार ने न तो किसी की जवाबदेही तय की और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। ‘शिक्षा माफिया को सत्ता का संरक्षण’ डॉ. महंत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता लगातार प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण मिलने के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता, विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने शिक्षा के राजनीतिकरण पर रोक लगाने, विश्वविद्यालयों में आरएसएस पृष्ठभूमि के कुलपतियों को हटाने, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने, प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों को मुआवजा देने तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित कराने की मांग दोहराई।

More From Author

2 साल में तीन बार बदली CBG प्लांट की जमीन:जहां गया वहीं शुरू हो गया विरोध, जामुल-कुरुद के बाद अब खेरधा में भी आपत्ति

दुर्ग में महंत बोले-अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के 136 पाप:नेता प्रतिपक्ष ने कहा-राम मंदिर चंदे से लेकर स्मार्ट मीटर तक के घपलों का जिक्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *