गीदम नगर पंचायत की प्रथम अध्यक्ष एवं नगर की प्रतिष्ठित समाजसेवी महिला पांची देवी सुराना का शनिवार दोपहर लगभग 1:30 बजे निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही गीदम नगर सहित आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
पांची देवी सुराना स्वर्गीय रतनलाल सुराना की धर्मपत्नी थीं। वे गीदम नगर पंचायत की प्रथम अध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक जनसेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़ी रहीं। उन्होंने नगर के विकास, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाजहित में किए गए कार्यों के कारण वे नगर में विशेष सम्मान रखती थीं।
वे जैन श्री संघ गीदम की वरिष्ठ सुश्राविका भी थीं। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। उनके निधन से जैन समाज सहित पूरे नगर को अपूरणीय क्षति हुई है। पांची देवी सुराना अपने पीछे पुत्र जवाहरलाल सुराना, शांतिलाल सुराना, सुभाषचंद सुराना और त्रिलोक सुराना सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। घर में लग रहा लोगों का तांता शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए उनके निवास पर लोगों का तांता लगा हुआ है। परिजनों के अनुसार दिवंगत आत्मा की अंतिम यात्रा रविवार 20 जुलाई को सुबह 8:45 बजे उनके निज निवास से मुक्तिधाम के लिए निकलेगी, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। नगर के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और विभिन्न संगठनों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पांची देवी सुराना का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
