आधार कार्ड से साइबर ठग उड़ा रहे पैसे:बिना OTP-बैंक डिटेल से भी ठगी, विधायक-डॉक्टर भी हुए शिकार, जानिए फ्रॉड के 9 नए पैटर्न

केस-1 : तारीख 31 मई…महालेखाकार कार्यालय में काम करने वाले अकाउंटेंट शंकर बोस के साथ साइबर ठगी हुई। ठगों ने पहले फेसबुक पर दोस्ती की, फिर वॉट्सएप ग्रुप में जोड़कर क्रिप्टोकरेंसी में इन्वेस्ट का लालच दिया। इस दौरान उनसे 16 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। केस-2 : तारीख 28 मई…रायपुर निवासी शिव के साथ ठगी हुई। ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर कॉल किया और कहा कि उनके खाते से संदिग्ध लेनदेन हुआ है, इसकी पुष्टि करें। कॉल काटने के बाद ही उनके खाते से 73 हजार रुपए निकाल लिए गए। केस-3 : तारीख 27 मई…भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा को साइबर ठगों ने निशाना बनाया। आरोपियों ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का पीए बनकर फोन किया और 10 हजार रुपए की ठगी कर ली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपियों को ओडिशा से गिरफ्तार कर लिया। केस-4 : मई 2026…पशुपालन विभाग से रिटायर्ड डॉक्टर सपन कुमार को साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया। ठगों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर डराया। डॉक्टर से ठगी की शिकायत के बाद पुलिस ने 2 महीने के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। सिर्फ ये चार केस ही नहीं हैं, बल्कि साइबर ठगी के कई नए तरीके सामने आ रहे हैं। गिफ्ट भेजने, वर्क फ्रॉम होम नौकरी देने, निवेश और कारोबार के नाम पर भी लोगों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। कई मामलों में पुलिस या अन्य अधिकारियों का डर दिखाकर पैसे वसूले जा रहे हैं। अब साइबर ठगी के ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिनमें ठगों को न तो OTP की जरूरत पड़ती है और न ही बैंक डिटेल की। कई मामलों में आधार कार्ड और उससे जुड़ी जानकारी का मिसयूज कर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। जानिए इस रिपोर्ट में साइबर ठगी के 9 प्रमुख पैटर्न और बचाव के तरीके… छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध के मामले जनवरी 2024 से जून 2025 के बीच छत्तीसगढ़ में 1,301 साइबर अपराध के मामले दर्ज हुए, जिनमें पीड़ितों को 107 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। वहीं NCRP पोर्टल के अनुसार जनवरी 2023 से जून 2025 के बीच राज्य से 67,389 शिकायतें दर्ज हुईं और करीब 791 करोड़ रुपए की ठगी की जानकारी सामने आई। पुलिस की कार्रवाई, लेकिन चुनौती बड़ी रायपुर पुलिस ने 101 म्यूल अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया। इनके खातों के जरिए देशभर में 1.57 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर चलाकर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले गिरोह का भी भंडाफोड़ किया गया, जिसने दो साल में 50 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी की थी। साइबर अपराधियों के खातों को लगातार फ्रीज कराया जा रहा है और समय पर शिकायत मिलने पर पीड़ितों की राशि भी रोकी जा रही है। हालांकि बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है। साइबर ठगी होने पर तुरंत ये करें पुलिस बोली- कार्रवाई लगातार जारी साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर दैनिक भास्कर ने रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पुलिस की साइबर ठगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही कमिश्नर ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करने की अपील की। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फ्रॉड मनी आने से कारोबारियों-लोगों के अकाउंट सीज: अकेले रायपुर में 50 से ज्यादा मामले, बैंक-थाने और कोर्ट के चक्कर काट रहे पीड़ित देशभर में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। ठग अपने तकनीकी हथकंडों से लोगों को चूना लगा रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को झेलनी पड़ रही है, जिनके बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कर दी जाती है। पढ़ें पूरी खबर…

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