बरगा के साथ-साथ आलीवारा और मुसरा में रेलवे के ओवर ब्रिज में आई दरारों ने रेलवे अफसरों की नींद उड़ा दी है। पखवाड़े भर पहले हुए लोकार्पण के बाद अभी से इन पुलों में मरम्मत का काम चालू कर दिया गया है। दरारों को भरा जा रहा है। बारिश के बाद यहां 60 से 70 फीट की दरारों से आवागमन भी प्रभावित हुआ। रेलवे के अनुसार इसका निर्माण मुंबई की विजय इंफ्रा के द्वारा किया गया है। साइट इंजीनियर एके मौर्य बताए गए हैं। सोमवार को मौके का जायजा लेने के लिए डीआरएम दीपक कुमार यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा है कि निर्माण में लापरवाही साफ नजर आ रही है। तकनीकी जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अफसरों की मानें तो मंगलवार को यहां तकनीकी जांच टीम आएगी। मुंबई से डिजाइन टीम को बुलाया गया है। उसी टीम के द्वारा इन पुलों को डिजाइन किया गया है। इस मामले में सांसद संतोष पांडेय ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि शक्ति योजना के तहत 26 करोड़ की लागत से रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कराया गया है। ओवरब्रिज में दरारें आ गई हैं। आवागमन के योग्य भी नहीं है। बारिश का पानी रेल ओवर ब्रिज की नींव में जाने के कारण मिट्टी धसकने से ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ है, जो कि निर्माण में गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। इस मामले में जांच कराकर दोषी फर्म पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर ने मीडिया में प्रकाशित समाचार का लिया संज्ञान कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने राजनांदगांव जिले के ग्राम बरगा एवं आलीवारा स्थित रेल्वे ओवरब्रिज के गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को पत्र प्रेषित किया है। कलेक्टर द्वारा प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया है कि मीडिया में ग्राम बरगा एवं आलीवारा स्थित रेल्वे ओवरब्रिज के गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के संबंध में समाचार प्रकाशित हुआ है। कलेक्टर ने रेल्वे से कहा कि प्रकाशित शिकायत के संबंध में उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच प्रतिवेदन के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दोषियों पर एफआईआर हो: जितेंद्र मुदलियार शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जितेंद्र मुदलियार ने बरगा रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जून में लोकार्पित करीब 26 करोड़ रुपए की लागत से बने इस ओवरब्रिज ने पहली ही बारिश में दम तोड़ दिया। पुल के बड़े हिस्से में चौड़ी दरारें उभर आई हैं और सड़क दो भागों में बंटती दिखाई दे रही है। मैंने मौके का जायजा लिया है। इस पूरे निर्माण में कहां लापरवाही हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी। मौके पर खामियां दिखाई दे रही हैं। मुसरा, बरगा और आलीवारा तीनों ब्रिज में ऐसी स्थिति है। इसके लिए डिजाइन टीम को बुलाया गया है। वे रिपोर्ट हमें सौंपेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सेफ्टी से समझौता नहीं किया जाएगा।
– दीपक कुमार गुप्ता, डीआरएम, नागपुर रेल मंडल
