छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में पहली बारिश में ही बरगा रेलवे ओवरब्रिज बीच से फट गया और 2 हिस्सों में बंट गया। करीब 60-70 फीट लंबी और 10-12 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें आ गई। 15 दिन पहले ही इस ओवरब्रिज का लोकार्पण हुआ था। वहीं, आलीवारा ओवरब्रिज की हालत भी बिगड़ गई है, जहां सड़क का हिस्सा बह गया, किनारे की बाउंड्री टूट गई और कई जगह बेस धंस गया। सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। बता दें कि राजनांदगांव और डोंगरगढ़ के बीच बरगा और आलीवारा में 22 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज बनाए गए हैं। दोनों ओवरब्रिज को पिछले महीने जून में ही आम लोगों के लिए खोला गया था। स्थानीय लोगों ने कहा कि निर्माण में लापरवाही बरती गई है या फिर नींव मजबूत नहीं बनाई गई। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि सूचना मिलने के बावजूद रेलवे अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। वहीं असिस्टेंट इंजीनियर मिथिलेश कुमार ने कहा कि उनकी टेक्निकल टीम मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी। इसी तरह, कोरबा जिले के भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला पर करोड़ों रुपए की लागत से बनी पुलिया भी पहली ही बारिश में टूट गई। तेज बहाव में पुलिया का एक हिस्सा टूटकर बह गया, जिससे सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए और आवागमन बाधित हो गया। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला राजनांदगांव में रविवार को दो नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज लोकार्पण के कुछ ही दिनों बाद डैमेज हो गए। लगभग 20 से 22 करोड़ रुपए की लागत से बने ये पुल पहली बारिश भी नहीं झेल पाए और इनमें जगह-जगह दरारें आ गईं। पहला मामला डोंगरगढ़ और राजनांदगांव के बीच बरगा स्थित रेलवे ओवरब्रिज का है, जहां की सड़क रविवार सुबह हुई बारिश के बाद बीच से फटकर दो भागों में बंट गई। पुल पर करीब 60 से 70 फीट लंबी और 10 से 12 सेंटीमीटर चौड़ी दरारें पड़ गई हैं। तीन-चार जगहों पर पुल का बेस धंसा दूसरा मामला आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज का है। वहां की स्थिति भी खराब हो गई है। इसकी सड़क बह गई है, किनारे के हिस्से बाउंड्री से अलग हो गए हैं और तीन-चार जगहों पर पुल का बेस धंस गया है। इन धंसे हुए हिस्सों को छिपाने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं। बरगा ओवरब्रिज पर दरारें बढ़ने के बाद ग्रामीणों में हादसे की आशंका को लेकर गुस्सा है। उन्होंने बारिश के बीच पुल पर इकट्ठा होकर रेलवे और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के प्रदर्शन और पुलों की गंभीर स्थिति के बावजूद, मौके पर रेलवे या स्थानीय प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा। इस मामले पर नागपुर मंडल के पीआरओ फैज खान ने बताया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी मिली है और वे संबंधित अधिकारियों को इससे अवगत कराएंगे। ग्रामीण बोले- सीमेंट सही गुणवत्ता का नहीं पुल पर मौजूद एक स्थानीय युवा और कुछ ग्रामीणों ने पुल के निर्माण पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इसमें इस्तेमाल किया गया सीमेंट सही गुणवत्ता का नहीं है और वह पाउडर की जगह टुकड़ों जैसा लग रहा है। ग्रामीण इसे भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि पुल की सड़क की गिट्टी और डामर हाथ से ही उखड़ जा रहे हैं, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर शक हो रहा है। गोंदिया रेलवे के असिस्टेंट इंजीनियर मिथिलेश कुमार ने कहा कि इसे रेक्टिफाई (ठीक) किया जाएगा और एक-दो बारिश के बाद यह ठीक से कॉम्पैक्ट हो जाएगा। रेलवे पूरी सावधानी बरत रही है और उनकी टेक्निकल टीम तथा डिजाइनर कल पहुंचकर इसका निरीक्षण करेंगे। निर्माण कंपनी घई कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेंद्र सिंह घई ने बताया कि पुल के धंसने का कोई खतरा नहीं है और यह सिर्फ मिट्टी बैठने की शुरुआती प्रक्रिया है। कोरबा में भी पहली ही बारिश में टूटा 3 करोड़ का पुल इसी तरह कोरबा जिले के करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत भैसामुड़ा स्थित जोगीनाला पर 3 करोड़ की लागत से बनी पुलिया पहली ही बारिश में ध्वस्त हो गई। तेज बहाव में पुलिया का एक हिस्सा टूटकर बह गया, जिससे सड़क पर गहरे गड्ढे बन गए और आवागमन बाधित हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें की गई थीं, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण स्थल पर कोई साइन बोर्ड (सूचना पटल) नहीं लगाया गया है। इस वजह से पुलिया बनाने वाले विभाग, एजेंसी या ठेकेदार के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। निर्माण की लागत, मंजूरी की तारीख और काम करने वाली संस्था जैसी जरूरी जानकारियां छिपाए जाने से अब भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ गई है। इस संबंध में सरपंच आनंद बिंझवार ने बताया कि एक ठेकेदार के जरिए करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल तैयार कराया गया था। इसे बने अभी सालभर भी नहीं हुआ है और पहली ही बारिश में इसकी हालत खराब हो गई। ……………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों का रेस्क्यू,VIDEO:छुरा में पुल टूटा, फिंगेश्वर में घरों में घुसा पानी; बारिश से दर्जनभर गांवों का संपर्क टूटा गरियाबंद में पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। छुरा और फिंगेश्वर तहसील में 100 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है। बारिश के चलते जहां एक ओर बरसाती नाले पर बना कुसुमबोड़ा पुल टूट गया। वहीं दूसरी ओर बगनई नदी में फंसे 14 मजदूरों को संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला गया। पढ़ें पूरी खबर…
