एअर इंडिया ने सफर आसान बनाने के लिए अपने मोबाइल एप को नए फीचर्स के साथ अपडेट किया है। अब इस एप के जरिए न केवल टिकट बुकिंग पहले से कहीं ज्यादा तेजी से होगी, बल्कि फ्लाइट लेट या कैंसिल होने पर यात्रियों को एयरपोर्ट पर परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसी किसी भी स्थिति में होटल में ठहरने और वहां तक जाने के लिए कैब की पूरी जानकारी सीधे एप की होम स्क्रीन पर ही मिलेगी। इसके साथ ही एप के पेमेंट सिस्टम को भी अपग्रेड किया गया है, जिससे टिकट बुक करना और पेमेंट करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। इन-हाउस बुकिंग इंजन से तेजी से बुक होंगे टिकट एयरलाइन ने नए अपडेट में खुद का तैयार किया हुआ इन-हाउस इंटरनेट बुकिंग इंजन जोड़ा है। इसकी मदद से ऐप का यूजर इंटरफेस पहले से कहीं ज्यादा तेज और रिस्पॉन्सिव हो गया है। अब यात्रियों को टिकट बुक करते समय ऐप के धीमे होने या अटकने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा और बुकिंग बेहद आसान हो जाएगी। भारतीय जरूरतों के हिसाब से पेमेंट सिस्टम में होंगे बदलाव एयर इंडिया के चीफ डिजिटल और टेक्नोलॉजी ऑफिसर सत्य रामासामी ने पीटीआई (PTI) को बताया कि ऐप का नया ‘पेमेंट ऑर्केस्ट्रेशन सिस्टम’ हमें भारत के लिहाज से कई तरह के नए तकनीकी बदलाव और इनोवेशन करने की सुविधा देगा। यह तकनीक नए फीचर्स को तेजी से लागू करने में मदद करेगी। इसके अलावा, इससे पेमेंट की परफॉर्मेंस में पारदर्शिता आएगी और बड़े पैमाने पर ट्रैफिक को संभालना आसान हो जाएगा। हर दिन 1 लाख से ज्यादा लोग करते हैं ऐप का इस्तेमाल एयर इंडिया द्वारा गुरुवार को जारी की गई एक रिलीज के मुताबिक, कंपनी का यह मोबाइल ऐप अब तक लगभग 1.7 करोड़ (17 मिलियन) बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसके साथ ही, रोजाना 1 लाख से ज्यादा यात्री अपनी यात्रा से जुड़े कामों के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी का मानना है कि नया अपग्रेड ग्राहकों की जरूरतों पर तुरंत रिस्पॉन्स देने में मदद करेगा। टाटा ग्रुप के आने के बाद अब तक 140 से ज्यादा डिजिटल सिस्टम बदले गए घाटे में चल रही एयर इंडिया को जनवरी 2022 में टाटा ग्रुप ने अपने हाथ में लिया था। इसके बाद से ही एयरलाइन के कायाकल्प के लिए एक बड़ा ट्रांसफॉर्मेशन प्लान चलाया जा रहा है। टाटा ग्रुप द्वारा टेकओवर किए जाने के बाद से अब तक कंपनी के 140 से अधिक डिजिटल सिस्टम्स को पूरी तरह से आधुनिक और अपग्रेड किया जा चुका है। ऐप का यह नया अपडेट भी इसी डिजिटल सुधार प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है।
