सूरजपुर जिले में अवैध बोल्डर खनन के दौरान हुए हादसे में दो मजदूरों की मौत के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। इस घटना के बाद देवीपुर क्षेत्र के तीन क्रेशरों को सील कर दिया गया है और जिलेभर में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई जारी है। यह कार्रवाई लांची क्षेत्र में हुए एक हादसे के बाद की जा रही है, जहां अवैध रूप से गिट्टी निकालने के लिए बोल्डर तोड़ने के दौरान मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। हादसे से सबक लेते हुए, जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने जिलेभर में क्रेशरों और खनन गतिविधियों की सघन जांच शुरू कर दी है। जिला प्रशासन, खनिज विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस के साथ मिलकर लगातार संयुक्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को देवीपुर स्थित कई क्रेशरों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान क्रेशरों में लाई जा रही बोल्डरों से संबंधित दस्तावेजों और संचालन से जुड़े अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आने पर तीन क्रेशरों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान अधिकारियों को कई जगह बोल्डर के वैध स्रोत से जुड़े दस्तावेज अधूरे मिले। कुछ क्रेशरों में संचालन से जुड़े जरूरी कागजात भी नहीं पाए गए। नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रशासन ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए क्रेशरों को सील कर दिया। खनिज विभाग ने कहा है कि अवैध खनन रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिले के दूसरे क्रेशर और खदानों की भी जांच की जाएगी। जहां भी नियमों की अनदेखी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन से जहां सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, वहीं मजदूरों की सुरक्षा पर भी खतरा बना रहता है। इसलिए सुरक्षा नियमों और जरूरी प्रक्रियाओं का पालन कराना प्राथमिकता है। एसडीएम ने बताया कि हाल ही में हुए हादसे को देखते हुए जिलेभर में लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अवैध खनन पर रोक लगाना और मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने आने वाले दिनों में कार्रवाई और तेज करने की बात कही है।
