बिलासपुर में पेड़ के नीचे चल रही क्लास,VIDEO:निजी-मकान पर ताला लगा, आसमान के नीचे पढ़ने लगे बच्चे, 11.48 लाख मंजूर,लेकिन नहीं बना नया भवन

बिलासपुर जिले में स्टेशनपारा स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल कई दिनों तक पीपल के पेड़ के नीचे संचालित हो रही है। स्कूल भवन नहीं होने और वैकल्पिक व्यवस्था समय पर नहीं होने से बच्चों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। मामला तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घुटकू का है। जानकारी के मुताबिक, स्कूल का पुराना भवन जर्जर होने के बाद पिछले करीब 5 साल से कक्षाएं एक निजी मकान में लग रही थी। लेकिन मकान मालिक ने निजी जरूरत बताते हुए मकान खाली कराकर ताला लगा दिया। इसके बाद स्कूल की कक्षाएं पीपल के पेड़ के नीचे लगने लगीं। बच्चों को तेज धूप, बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही थी। देखिए तस्वीरें… 11.48 लाख स्वीकृत फिर भी नहीं बना भवन बताया जा रहा है कि, स्कूल के नए भवन निर्माण के लिए 11 लाख 48 हजार रुपए की स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। स्कूल में शौचालय, किचन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बताया जा रहा है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ नए प्रवेशों पर भी पड़ रहा है। अभिभावकों ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और पालकों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब भवन निर्माण की मंजूरी और बजट पहले से स्वीकृत है, तो फिर बच्चों को इस तरह पेड़ के नीचे पढ़ने की नौबत क्यों आई। धूप- बारिश से पेड़ से कीड़े गिरने पर दी जाती है छुट्टी शिक्षिका खगेश्वरी दुबे ने बताया कि, धूप तेज होने या पेड़ से कीड़े गिरने पर छुट्टी करनी पड़ती है। यहां तक कि शोक कार्यक्रम होने पर भी स्कूल बंद करना पड़ता है। शौचालय न होने के कारण छात्राओं और महिला शिक्षकों को भारी शर्मिंदगी के बीच तालाब की मेढ़ पर खुले में जाना पड़ता है। इसी पेड़ के नीचे किताबें बंटीं और रसोइया के घर में मध्याह्न भोजन पक रहा है। स्कूल की बदहाली देख बच्चों ने बंद किया दाखिला सरपंच का कहना है कि, बारिश के बाद काम शुरू होगा। इस बदहाली का असर स्कूल की दर्ज संख्या पर पड़ा है। अव्यवस्था से तंग आकर पालकों ने बच्चों का दाखिला बंद कर दिया है, जिससे कक्षा 1वीं और 2वीं में शून्य एडमिशन है। स्कूल में अब सिर्फ 10 बच्चे बचे हैं। दो शिक्षकों में से एक 30 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। डीईओ बोले- पंचायत भवन में वैकल्पिक इंतजाम इधर, जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर जायसवाल ने बताया कि, पंचायत से चर्चा के बाद स्कूल के लिए वैकल्पिक भवन और जमीन की व्यवस्था कर दी गई है। विद्यालय को तत्काल वहां शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही नए भवन निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू कराने की बात कही गई है।

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