नकटी गांव में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जिला प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके माध्यम से बातचीत चल रही थी, इसके बावजूद कार्रवाई की गई। बृजमोहन ने कुछ अधिकारियों पर खुद को ‘ज्यादा नजदीकी’ दिखाने के लिए कार्रवाई करने का आरोप लगाया और कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से भारतीय जनता पार्टी और सरकार की बदनामी हुई है, जिसकी भरपाई मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को पार्टी फोरम में भी उठाएंगे। पढ़िए, नकटी मामले पर बृजमोहन अग्रवाल से हुई पूरी बातचीत… सवाल: नकटी के गांव वाले आपके पास फरियाद लेकर आते हैं। आप उन्हें आश्वासन देते हैं और उसके बाद उनके घर तोड़ दिए जाते हैं। अब सीधे लोग बृजमोहन अग्रवाल को निशाने पर ले रहे हैं। आप क्या कहेंगे? जवाब: नकटी गांव के लोग आज से नहीं, बल्कि पिछले तीन साल से मुझसे मिल रहे हैं। जब से उन्हें नोटिस दिया गया और घर तोड़े जाने की बात कही गई, तब से यह मामला मेरे सामने है। विधायकों के आवास बनाने की योजना जब शुरू हुई, तब भूपेश बघेल जी मुख्यमंत्री थे और विष्णुदेव साय जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी मेरी लगातार कोशिश रही कि वहां बसे लोगों को बिना उजाड़े विधायकों के लिए दूसरी जगह आवास बनाए जाएं। इसके लिए मैं लगातार बातचीत करता रहा हूं। जब यह तोड़फोड़ की कार्रवाई हुई, उसके दो दिन पहले भी जिला प्रशासन के अधिकारी और गांव के लोग मिले थे। उनसे बातचीत के दौरान मैंने कहा था कि बरसात का समय है, इसलिए अभी कोई कार्रवाई नहीं करनी चाहिए और बीच का रास्ता निकालना चाहिए। रविवार को मैं दिल्ली गया था और सुबह 3 बजे यह कार्रवाई हुई। मुझे लगता है कि जब मेरे माध्यम से बातचीत चल रही थी, तब जिला प्रशासन को यह कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी और बीच का रास्ता निकालने की कोशिश करनी चाहिए थी। सवाल: आप यहां के सांसद हैं और पहले अधिकारियों से आपकी बातचीत भी हो चुकी थी। फिर किसके कहने पर अधिकारी तोड़फोड़ करने पहुंच गए? किसके इशारे पर यह कार्रवाई हुई? जवाब: मुझे लगता है कि कुछ अधिकारी अपने आपको ज्यादा सक्रिय और ज्यादा नजदीकी दिखाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं। जिन अधिकारियों ने लोगों की जान-माल और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, गरीबों को उजाड़ दिया और लोगों के सिर से छत छीन ली, ऐसे अधिकारियों के खिलाफ शासन को कार्रवाई करनी चाहिए। सवाल: क्या अधिकारियों के सिर पर बड़े लोगों का हाथ भी है? क्या इसी वजह से उन्हें इतनी हिम्मत मिली कि सांसद के कहने के बाद भी उन्होंने कार्रवाई कर दी? जवाब: बड़े लोगों का हाथ होने की बात नहीं है। कुछ अधिकारी अपने आपको ज्यादा नजदीकी दिखाने के लिए इस तरह की कार्रवाई कर रहे हैं और यह उचित नहीं है। सवाल: आपने कहा था कि आप नकटी गांव के लोगों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। अब जब उनके घर टूट गए हैं, तो बृजमोहन अग्रवाल किस तरह उनके साथ खड़े होंगे? जवाब: जो कुछ हुआ है, वह बहुत दुखद और दुर्भाग्यजनक है। आगे उनका पुनर्वास हो, उनका सेटलमेंट हो और उसके लिए जो भी कार्रवाई होगी, उसमें मेरा जितना भी योगदान होगा, मैं करूंगा। सवाल: इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। प्रदर्शन हो रहे हैं और कांग्रेस के नेता भी वहां पहुंच रहे हैं। जवाब: कुछ लोगों की नासमझी के कारण भारतीय जनता पार्टी और सरकार की इस पूरे घटनाक्रम में जो बदनामी हुई है, जो किरकिरी हुई है और जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कर पाना मुझे नहीं लगता कि संभव है। स्वाभाविक बात है कि जब विपक्ष को मौका मिला है तो वह राजनीति करेगा। सवाल: इतने बड़े आरोप हैं। क्या इसकी शिकायत आप पार्टी फोरम में भी करेंगे? जवाब: निश्चित रूप से। जिस भी फोरम में मुझे अवसर मिलेगा, वहां मैं इस मामले को उठाऊंगा। सवाल: अब क्या आप नकटी जाएंगे और वहां के लोगों के साथ खड़े होंगे? जवाब: जैसी जरूरत होगी, वैसा करूंगा। …………………….. नकटी गांव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नकटी के विस्थापितों ने सीएम हाउस घेरा…5 दिन का अल्टीमेटम:सड़क पर बैठकर खाना खाया, कहा- मुआवजा चाहिए, कांग्रेस बोली- बंद बुलाएंगे नकटी गांव के प्रभावित ग्रामीण शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। पढ़ें पूरी खबर
