दक्षिण-पश्चिम मानसून मंगलवार (30 जून) को उत्तरी छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले को कवर करते हुए पूरे राज्य में सक्रिय हो गया। इसके साथ ही प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पिछले 24 घंटों में कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक राज्य में तेज बारिश का दौर जारी रहेगा। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की चेतावनी दी गई है। अगले दो दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहेगी। बुधवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे। गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। तापमान अधिकतम 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मानसून के पहले महीने (जून) के आखिरी दिन प्रदेश में बारिश का वितरण असमान रहा। जहां बस्तर, बिलासपुर और सरगुजा संभागों में अच्छी वर्षा हुई। वहीं दुर्ग और रायपुर संभाग अपेक्षाकृत सूखे रहे। राजधानी रायपुर में शाम को बादल तो छाए, लेकिन तेज बारिश नहीं हुई।nपिछले 24 घंटे के प्रमुख आंकड़े: सबसे अधिक बारिश कुसमी में 90 मिमी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास इसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ में मानसून और ज्यादा मजबूत होगा। खेती को राहत के आसार जुलाई की शुरुआत में मानसून की यह सक्रियता किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रही है। जून में बारिश कम होने के कारण कई जिलों में खरीफ फसलों की बुआई पिछड़ गई थी। कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. जी.के. दास के मुताबिक, अब अच्छी बारिश से खेतों में जरूरी नमी आएगी, जिससे धान की बुआई और रोपाई के काम में तेजी आएगी।
