ड्रग्स क्वीन के नेटवर्क में कारोबारी-इवेंट ऑर्गेनाइजर्स:ललित महल-हयात समेत 8 पब-होटल में होती थी टेक्नो पॉर्टी; मंगेतर ने खुद को बताया GST वकील

रायपुर की ‘ड्रग्स क्वीन’ नाव्या मलिक केस में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। ED के अधिकारी ड्रग्स सिंडिकेट के मनी ट्रेल और नेटवर्क की जांच करेंगे। जानकारी के अनुसार एजेंसी ने रायपुर पुलिस से चार्जशीट और इन्वेस्टिगेशन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने रायपुर पुलिस की पेश की गई चार्जशीट पढ़ी। चालान के अनुसार नाव्या मलिक के संपर्क शहर के कई रसूखदार कारोबारी और इवेंट आयोजक से थे। चार्जशीट में इन कारोबारियों के नाम भी दर्ज है। जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली के सप्लायर से ड्रग्स मंगाकर रायपुर के कई नामी होटल और पब में होने वाली टेक्नो पार्टियों में सप्लाई की जाती थी। वहीं, नाव्या के मंगेतर ने पूछताछ में खुद को GST वकील बताया है, जिसे रायपुर पुलिस ने अरेस्ट किया था। ED के जांच शुरू करने से पहले नाव्या मलिक केस में पुलिस ने क्या जांच की? नाव्या के साथ कारोबार में और उसके संपर्क में कौन-कौन था? इस रिपोर्ट में पढ़िए… पहले जानिए नाव्या मलिक कौन है? रायपुर के कटोरा तालाब इलाके में रहने वाली नाव्या मलिक का नाम अगस्त 2025 में पहली बार सामने आया था। नाव्या मलिक रायपुर में ड्रग्स बेचती है, इसका खुलासा 25 मई 2025 को ड्रग्स तस्करी करते हुए पुलिस के हत्थे चढ़े हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया ने किया था। आरोपियों के बयान के बाद पुलिस ने नाव्या मलिक को मुंबई से गिरफ्तार किया था। पुलिस की जांच में सामने आया था कि वह कथित तौर पर शहर की कई हाईप्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की सप्लाई करती थी। आरोप है कि वह खुद भी ऐसे आयोजनों में पहुंचकर ड्रग्स मुहैया कराती थी। नाव्या ड्रग्स कहां से मंगवाती थी? रायपुर पुलिस की जांच के अनुसार दिल्ली का रहने वाला टोयोटा, नाव्या मलिक और उसके सिंडिकेट को ड्रग्स सप्लाई करता था। टोयोटा जिसे सिंडिकेट के सदस्य ‘ग्लोरी ऑफ द गॉड’ कहते थे। इसका जिक्र चार्जशीट में है। मोनू बिश्नोई ने टोयोटा का कुरियर ब्वॉय था अगस्त 2025 में रायपुर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी करते मोनू बिश्नोई को गिरफ्तार किया था। मोनू बिश्नोई ड्रग्स तस्कर टोयोटा का कुरियर ब्वॉय था। मोनू बिश्नोई ने टोयोटा के कहने पर 9-10 बार ड्रग्स नाव्या मलिक और उसके सिंडिकेट को दिया। हर बार ड्रग्स डिलीवरी करने के एवज में टोयोटा मोनू बिश्नोई को 10 हजार रुपए देता था। नाव्या के संपर्क में कौन-कौन था ? पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी नाव्या मलिक का संपर्क केवल ड्रग्स तस्करों तक सीमित नहीं था, वह शहर के कई कारोबारी और इवेंट आयोजक के संपर्क में थी। जिन लोगों का नाम पुलिस की जांच में सामने आया है, उसमें पियूष अग्रवाल, ऋषि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, भावेश शर्मा, शैलू अग्रवाल, अनुराग, विवेक अग्रवाल, मोहित ईशरानी और राकेश ईशरानी के नाम शामिल है। रायपुर के किन होटल-पब में होती थी टेक्नो पॉर्टी पुलिस की चार्जशीट के अनुसार इवेंट और टेक्नो पार्टियों की आड़ में नाव्या सिंडिकेट से ड्रग्स सप्लाई करवाती थी। ये टेक्नो पार्टी ललित महल, हयात होटल एंड कैफे, रास्ता, जूक, रोज बे रिजॉर्ट, एल्सवेयर, पियानो और को पैको जैसे पब और होटल में अलग-अलग समय में आयोजित हुई। टेक्नो पार्टी क्या होती है ? टेक्नो पार्टी एक ऐसा आयोजन होता है, जिसमें टेक्नो या इलेक्ट्रॉनिक डांस म्यूजिक (EDM) पर डीजे परफॉर्म करते हैं और लोग देर रात तक डांस और मनोरंजन करते हैं। ऐसी पार्टियां आमतौर पर होटल, पब, क्लब या रिसॉर्ट में आयोजित की जाती हैं। टेक्नो पार्टी अपने आप में गैरकानूनी नहीं होती, लेकिन कुछ पार्टियों की आड़ में ड्रग्स की सप्लाई और सेवन जैसी अवैध गतिविधियां भी होती हैं। इन लोगों ने मोनू बिश्नोई से लिया ड्रग्स पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक मोनू बिश्नोई से ऋषिराज टंडन ने 2 बार ड्रग्स की डिलीवरी ली। वहीं नाव्या मलिक को 4 से 5 बार रेलवे स्टेशन के बाहर ड्रग्स पहुंचाई गई। विधि अग्रवाल को भी 2 बार रेलवे स्टेशन और एक बार उसके घर के नीचे सप्लाई दी गई। जांच के अनुसार मोहित ईशरानी ने अपने बड़े भाई राकेश ईशरानी के कहने पर ड्रग्स सप्लाई के पेमेंट के रूप में 2 किश्तों में 12,500 रुपए दिए। पियूष ने नाव्या को ड्रग्स बेचने की जानकारी दी थी पुलिस के अनुसार नाव्या मलिक ने बयान दिया है, पियूष अग्रवाल ने नाव्या को बताया था कि वह ड्रग्स सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा है। पियूष का पार्सल लाने पर नाव्या को पहली बार 2500 रुपए मिले थे। इसके बाद वो अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ मिलकर ड्रग्स कारोबार में उतरी और मोनू बिश्नोई से ड्रग्स मंगवाकर अपने नेटवर्क में बेचना शुरू कर दिया था। नाव्या मलिक को मंगेतर ने ही फंसाया चार्जशीट के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क पुलिस के हत्थे इसलिए चढ़ा क्योंकि नाव्या मलिक का मंगेतर अयान परवेज उससे दूरी बनाना चाहता था। ब्रेकअप के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं मिलने पर उसने दिल्ली से ड्रग्स की खेप आने की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई थी। चार्जशीट में यह भी जिक्र है कि अयान खुद भी कथित तौर पर नाव्या के साथ मिलकर ड्रग्स कारोबार में शामिल था। जांच के दौरान जिन रसूखदार लोगों के नामों की चर्चा हुई थी, उनसे पुलिस ने पूछताछ की है, लेकिन इन रसूखदारों में से कुछ लोगों को आरोपी नहीं बनाया गया है। ………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक को मंगेतर ने फंसाया: रिश्ता खत्म करना चाहता था, दिल्ली से MDMA आने की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई, चार्जशीट में खुलासा रायपुर के सबसे चर्चित नाव्या मलिक और गैंग से जुड़े ड्रग्स केस में जल्द ही ट्रायल शुरू होने वाला है। पुलिस ने केस की चार्जशीट कोर्ट में जमा कर दी है। ये चार्जशीट भास्कर ने भी पढ़ी। पुलिस ने मामले में कुल नौ लोगों को आरोपी बनाया है। पढ़िए पूरी खबर

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