ओडिशा और दिल्ली की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर शुरू होने जा रहा है। इसे बिलासपुर के बहतराई स्थित राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र में स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष योजना के तहत इसके लिए बजट मंजूर हो चुका है। इस सेंटर की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि वैज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, मानसिक दक्षता और जैविक विशेषताओं का विश्लेषण कर उन्हें बताया जाएगा कि वे किस खेल के लिए सबसे उपयुक्त हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में आयोजित राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में वर्ष 2036 ओलंपिक तक भारत को शीर्ष पांच देशों में पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत 71वें स्थान पर रहा था। इसी रणनीति के तहत राज्यों में स्पोर्ट्स साइंस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में हॉकी, फुटबॉल और तीरंदाजी जैसी विधाओं में ओलंपिक स्तर के खिलाड़ी तैयार करने की संभावना को देखते हुए राज्य का पहला सेंटर बहतराई में स्थापित किया जा रहा है। सरकार की योजना भविष्य में प्रदेश के सभी संभागों में ऐसे केंद्र खोलने की है। ओडिशा में है देश सबसे बड़ा सेंटर: देश का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स साइंस सेंटर भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में है, जिसे ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा की साझेदारी में विकसित किया गया है। इसके अलावा भोपाल के टीटी नगर स्टेडियम, पटियाला के नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआईएस), बेंगलुरु के द स्पोर्ट्स स्कूल तथा दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी स्टेडियम परिसरों में भी ऐसे केंद्र संचालित हैं। बिहार सरकार भी पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स साइंस सेंटर स्थापित कर रही है। सेंटर में होंगे 8 विशेष विभाग
1. खेल एंथ्रोपोमेट्री (शरीर की बनावट व माप): खिलाड़ियों की लंबाई, वजन, शरीर में वसा, मांसपेशियों, अंगों के अनुपात और पकड़ की ताकत का वैज्ञानिक परीक्षण किया जाएगा।
2. खेल बायोमैकेनिक्स (गति का विज्ञान): हाई-स्पीड कैमरे, प्रेशर प्लेट और मोशन एनालिसिस सिस्टम से खिलाड़ी की दौड़, चाल और तकनीक का विश्लेषण होगा।
3. व्यायाम शरीर क्रिया विज्ञान: ऑक्सीजन क्षमता, थकान, सहनशक्ति और फिटनेस का परीक्षण ट्रेडमिल, साइकिल एर्गोमीटर और अन्य उपकरणों से किया जाएगा।
4. फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन: अल्ट्रासाउंड, लेजर, इलेक्ट्रोथेरेपी और आधुनिक रिकवरी सिस्टम से चोट का इलाज और पुनर्वास होगा।
5. खेल पोषण: डाइट एनालिसिस सॉफ्टवेयर और किचन लैब के जरिए खिलाड़ियों के लिए वैज्ञानिक आहार योजना तैयार की जाएगी।
6. खेल मनोविज्ञान: मानसिक मजबूती, एकाग्रता और दबाव से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए साइकोलॉजिकल टेस्ट और काउंसलिंग की सुविधा रहेगी।
7. स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग: आधुनिक जिम, ओलंपिक वेट्स, प्लायोमेट्रिक उपकरण और वेटलिफ्टिंग रैक से ताकत और फुर्ती बढ़ाने का प्रशिक्षण मिलेगा।
8. डेटा एनालिटिक्स एवं आईटी: वीडियो विश्लेषण, परफॉर्मेंस ट्रैकिंग और डेटा आधारित प्रशिक्षण के लिए सर्वर व विशेष सॉफ्टवेयर का उपयोग होगा। बहतराई के राज्य खेल प्रशिक्षण केंद्र में प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर खुलने जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को उनके खेल में मदद मिलेगी। वे वैज्ञानिक तरीके से सही खेल का चयन कर पाएंगे। हमारी योजना है कि आने वाले समय में हर संभाग में ऐसा केंद्र खोला जाए। -अरुण साव, खेल मंत्री
