राजनांदगांव जिले में मानसून अपने निर्धारित समय से 10 दिन ज्यादा बीत जाने के बाद भी नहीं पहुंचा है, जिसके चलते क्षेत्र के जलाशयों में पानी का संकट गहरा गया है। अंबागढ़ चौकी के पास स्थित मोंगरा बैराज लगातार दूसरे साल पूरी तरह सूख चुका है। हालात इतने बदतर हैं कि बैराज अब एक खेल मैदान की तरह दिखने लगा है और इसमें डूबे पेड़ों के ठूंठ तक नजर आने लगे हैं। जलस्तर डेड स्टोरेज पर पहुंचने के कारण बैराज की नहरें भी सूख चुकी हैं। बैराज के ईई भूपेंद्र बावथाटे ने बताया कि बैराज का पानी पूरी तरह खत्म हो चुका है और अब यह केवल कैचमेंट एरिया में होने वाली अच्छी बारिश से ही दोबारा भर सकेगा। फिलहाल, नहरों में पानी छोड़ने की स्थिति बिल्कुल नहीं है। चिंता की बात यह है कि जिले के पांच प्रमुख जलाशयों में भी पानी अब 15 फीसदी से कम बचा है। 50 से अधिक गांवों में निस्तारी का संकट
बैराज के सूखने से क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में निस्तारी (रोजमर्रा के उपयोग) के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बता दें कि 182.05 मीटर लंबे इस बैराज में 10 रेडियल गेट हैं और इसकी कुल जल भराव क्षमता 32.05 मिलियन घन मीटर है।
