इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा की है कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों मिजोरम और मणिपुर में रहने वाले बेने मेनाशे समुदाय के सभी शेष सदस्यों को अगले चार वर्षों में इजराइल लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह समुदाय यहूदी लोगों का अभिन्न हिस्सा है और इजराइल उनका घर है। हाल ही में इजराइल के नोफ हा-गलील शहर में बसे भारतीय मूल के यहूदी प्रवासियों को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मजबूत संबंधों के कारण दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष की शुरुआत से अब तक समुदाय के करीब 600 सदस्य इजराइल पहुंच चुके हैं। वर्ष 2026 के अंत तक लगभग 600 और लोगों के आने की उम्मीद है। बेने मेनाशे का अर्थ है “मनश्शे के पुत्र”। यह समुदाय मुख्य रूप से मिजोरम और मणिपुर में रहता है। समुदाय के लोग सबाथ का पालन, यहूदी त्योहारों का आयोजन, कोषेर भोजन परंपरा और अन्य यहूदी रीति-रिवाजों का पालन करते हैं। वे स्वयं को इजराइल की “दस खोई हुई जनजातियों” में से एक मनश्शे जनजाति का वंशज मानते हैं, जिसे लगभग 2,700 वर्ष पहले असीरियाई साम्राज्य ने निर्वासित कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… पाकिस्तान में सैनिटरी पैड और गर्भनिरोधक प्रोडक्ट्स पर 18% टैक्स खत्म करेगा पाकिस्तान सरकार सैनिटरी पैड और गर्भनिरोधक प्रोडक्ट्स पर लगने वाला 18% सेल्स टैक्स खत्म करने की तैयारी कर रही है। पिछले हफ्ते पेश किए गए बजट में सरकार ने टैक्स हटाने का प्रस्ताव रखा था। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि सैनिटरी प्रोडक्ट्स महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक जीवन में उनकी भागीदारी के लिए बेहद जरूरी हैं। इसके पीछे उन्होंने देश की तेजी से बढ़ती आबादी को वजह बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आबादी के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है और परिवार नियोजन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। यूनिसेफ के अनुसार पाकिस्तान में केवल 12% महिलाएं और लड़कियां ही बाजार में मिलने वाले सैनिटरी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। बाकी महिलाएं कपड़े या घर में तैयार किए गए अन्य विकल्पों का सहारा लेती हैं। यूनिसेफ के मुताबिक स्थानीय और अन्य टैक्स को जोड़ने के बाद पाकिस्तान में महिलाओं को सैनिटरी प्रोडक्ट्स खरीदने के लिए करीब 40% अतिरिक्त टैक्स चुकाना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं पर पड़ता है। विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 2025 के मध्य तक पाकिस्तान की लगभग 45% आबादी प्रतिदिन 4.20 डॉलर (करीब 1,175 पाकिस्तानी रुपए) की आय वाली निम्न-मध्यम आय गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिता रही थी।
वहीं एक पैकेट में मिलने वाले 10 सैनिटरी पैड की कीमत औसतन एक दिन की कमाई के एक-तिहाई से भी ज्यादा होती है। कई मामलों में एक पैकेट पूरे महीने के लिए पर्याप्त भी नहीं होता। अमेरिका में स्काइडाइविंग विमान हादसा: भारतीय टेक प्रोफेशनल समेत 12 की मौत
अमेरिका के मिसौरी राज्य में स्काइडाइविंग के लिए इस्तेमाल होने वाला एक विमान रविवार सुबह टेकऑफ के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में 24 वर्षीय भारतीय टेक प्रोफेशनल साई कार्तिक वर्मा दतला समेत सभी 12 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना बेट्स काउंटी स्थित बटलर मेमोरियल एयरपोर्ट के पास हुई। अधिकारियों के मुताबिक, स्काइडाइव कैनसस सिटी द्वारा संचालित पैसिफिक एयरोस्पेस P750XL विमान उड़ान भरने के कुछ देर बाद वापस लौटने की कोशिश करता दिखाई दिया। इसके बाद विमान एयरपोर्ट के नजदीक एक खेत में गिर गया और टक्कर के साथ उसमें आग लग गई। हादसे में विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई। साई कार्तिक वर्मा दतला कैनसस सिटी क्षेत्र में कार्यरत भारतीय टेक प्रोफेशनल थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट्रल मिसौरी से पढ़ाई की थी और हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी सेक्टर में काम कर रहे थे। उनकी विशेषज्ञता क्लाउड कंप्यूटिंग, डेवऑप्स इंजीनियरिंग और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर में थी। हादसे में यूनाइटेड स्टेट्स पैराशूट एसोसिएशन की टेक्नोलॉजी डायरेक्टर जेन शार्प, संगीत शिक्षक डेव हर्शबर्गर, कैंसर सर्वाइवर और अनुभवी स्काइडाइवर मैथ्यू स्वोप, वीडियोग्राफर डस्टिन मैककिनी, प्रशिक्षक बनने की तैयारी कर रहे विल फिशर समेत कई अनुभवी स्काइडाइवर्स और प्रशिक्षकों की भी मौत हुई। वियतनाम में बिल्ली तस्करी गिरोह का भंडाफोड़: कैट-मीट बाजार में बेचने की थी तैयारी
वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में पुलिस ने पालतू बिल्लियों की चोरी और तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में 400 से ज्यादा जिंदा बिल्लियों को बचाया गया, जिन्हें अवैध कैट-मीट बाजार में बेचने के लिए वधशालाओं तक पहुंचाने की तैयारी थी। मामले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे पिछले तीन वर्षों से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। पालतू जानवरों की चोरी की लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सप्लाई नेटवर्क का पता लगाया और एक वितरण केंद्र पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान 400 से अधिक जिंदा बिल्लियां बरामद की गईं। वहीं, बर्फ में संरक्षित 80 मृत बिल्लियां भी मिलीं, जिन्हें कथित तौर पर खाद्य प्रसंस्करण के लिए तैयार रखा गया था। पशु अधिकार संगठनों ने इस कार्रवाई को वियतनाम के इतिहास में सबसे बड़े पशु बचाव अभियानों में से एक बताया है।
