दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार 4 जून को केरल में दस्तक दे दी है। सामान्य तौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी एंट्री तीन दिन देरी से हुई। छत्तीसगढ़ में फिलहाल मानसून नहीं पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायपुर और राजनांदगांव प्रदेश के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ। प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल हल्की बारिश दर्ज की गई। छोटेडोंगर, मैनपाट और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई।
अगले 24 घंटे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज (शुक्रवार) प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यही स्थिति अगले दो दिनों तक भी बनी रह सकती है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के संकेत रायपुर में बादल छाए रहने, गरज-चमक, बारिश और धूलभरी आंधी की संभावना जताई गई है। शहर का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ पर क्या है मौसम सिस्टम का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय तीन ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण (Upper Air Cyclonic Circulation) सक्रिय हैं। पहला सिस्टम मध्य उत्तर प्रदेश, दूसरा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और बिहार में बना हुआ है। तीसरा दक्षिण तेलंगाना और आंध्र प्रदेश क्षेत्र में बना हुआ है। इन सिस्टमों की वजह से वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे प्रदेश में स्थानीय स्तर पर बादल बनने, गरज-चमक और आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी हैं। अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है मानसूनी एक्टिविटी हालांकि अभी छत्तीसगढ़ में मानसून की सीधी एंट्री नहीं हुई है, लेकिन बंगाल की खाड़ी में मानसून की तेज प्रगति को देखते हुए प्रदेश में अगले एक सप्ताह के दौरान प्री-मानसून गतिविधियों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
