सेंसेक्स से बाहर होने की कगार पर टाटा मोटर्स:39 साल से टॉप-30 शेयरों में कंपनी, डिमर्जर के बाद शर्ते पूरी नहीं कर पा रही; रेस में इंडिगो

सेंसेक्स के शुरुआती शेयरों में से एक टाटा मोटर्स देश के इस सबसे पुराने स्टॉक इंडेक्स से बाहर होने के कगार पर है। कंपनी 1986 में सेंसेक्स की शुरुआत के पहले दिन से इसका हिस्सा है। टाटा मोटर्स का मार्केट कैप कमर्शियल व्हीकल और पैसेंजर व्हीकल बिजनेस अलग होना के बाद सेंसेक्स में बने रहने की न्यूनतम शर्त पूरी नहीं कर पा रहा है। मौजूदा स्थिति में सेंसेक्स में बने रहने के लिए न्यूनतम मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपए है। टाटा मोटर्स की कुल मार्केट वैल्यू दो अलग-अलग कं​पनियों में बंटने से ऐसी स्थिति बनी। अक्टूबर में डिमर्जर के बाद टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल का मार्केट कैप 1.37 लाख करोड़ रुपए और टाटा मोटर्स लिमिटेड (कमर्शियल व्हीकल) का मार्केट कैप 1.19 लाख करोड़ रुपए रह गया है। BSE सेंसेक्स की नई लिस्ट 19 दिसंबर को जारी करेगा ऐसे में दिसंबर रीबैलेंसिंग में टाटा मोटर्स की जगह देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) ले सकती है। इसके अलावा आदित्य बिड़ला ग्रुप की ग्रासिम इंडस्ट्रीज अपनी जगह बना सकती है। BSE दिसंबर में सेंसेक्स में शामिल कपनियों की लिस्ट में बदलाव की घोषणा करेगा। नए बदलाव इसी साल 19 दिसंबर से लागू होंगे। सेंसेक्स में टाटा, रिलायंस, HUL और ITC हमेशा से हैं सेंसेक्स के 30 शेयरों में सिर्फ 4 कंपनियां- टाटा मोटर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, HUL और ITC लगातार बनी हुई हैं। इस लिस्ट से टाटा मोटर्स बाहर हो सकती है। इसी साल जून में नेस्ले बाहर हुई, जो लंबे समय से इसका हिस्सा थी। सेंसेक्स में आने के लिए कंपनी को फुल मार्केट कैप के आधार पर देश की टॉप-75 कंपनियों में होना चाहिए। फ्री-फ्लोट मार्केट कैप (उपलब्ध शेयरों की वैल्यू) पर आधारित वेटेज कम से कम 0.5% होना चाहिए। दूसरी तरफ इंडिगो का मार्केट कैप 2.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है। कंपनी सेंसेक्स के गैर-सदस्य कंपनियों में सबसे आगे है। सेंसेक्स की सदस्यता छिनने से निवेशकों का भरोसा कम होगा टाटा ट्रस्ट्स के भीतर नए तनाव उभरने के संकेत टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन आर वेंकटरामनन के बीच तनाव बढ़ने की चर्चा है। टाटा संस के बोर्ड में ट्रस्ट के नॉमिनेटेड सदस्यों के वोटिंग हकों को लेकर विवाद की बात कही जा रही है। चंद्रशेखरन ने वेंकटरामनन को पत्र लिखकर ये हक कम करने की मांग की है, जबकि वेंकटरामनन ने इसे ट्रस्ट की स्वायत्तता पर हमला बताया। साथ ही, नोएल टाटा के बेटे नेविल को सर रतन टाटा ट्रस्ट में शामिल किए जाने पर भी आंतरिक तालमेल पर सवाल खड़े किए हैं। नोविल के सर रतन टाटा ट्रस्ट में शामिल होने की उम्मीद थी, पर टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने इस पर बैठक की और इस कदम को रोक दिया। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का शेयर 7% गिरा टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (TMPV) के शेयर में सोमवार (17 नवंबर) को 4.74% की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान यह 7% गिरकर ₹363 पर आ गया था। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का शेयर बीते 5 दिन में 8% से ज्यादा गिरा है। वहीं एक महीने में कंपनी का शेयर 6%, छह महीने में 15% और एक साल में 20% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 1.44 लाख करोड़ रुपए है। कंपनी के शेयर में यह गिरावट जुलाई-सितंबर 2025 की तिमाही के नतीजों के बाद आई है। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में कंपनी को ₹6,368 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। इसकी मुख्य वजह जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर साइबर अटैक रही, जिसने प्रोडक्शन को प्रभावित किया है।

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