बस्तर दौरे पर पहुंचे प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में कहा कि बस्तर की स्वास्थ्य व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है। जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में अगले शिक्षा सत्र से डीएम (सुपर स्पेशियलिटी) कोर्स शुरू कराने का प्रयास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि मलेरिया मुक्त अभियान को पूरे साल चलाने की योजना बनाई जा रही है। एचएलएल लैब व्यवस्था से किसी भी लैब टेक्नीशियन की नौकरी प्रभावित नहीं होगी। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश… जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस, पीजी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू हो चुका है। डीएम (सुपर स्पेशियलिटी) कोर्स कब तक शुरू होंगे?
इस दिशा में विचार चल रहा है। मेडिकल कॉलेज में पीजी की पढ़ाई पहले से संचालित है। हमारा प्रयास रहेगा कि अगले शिक्षा सत्र से डीएम कोर्स शुरू हों। इसके लिए अधिकारियों को आवश्यक तैयारी और प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए जाएंगे। मलेरिया मुक्त अभियान खत्म होते ही मरीज बढ़ने लगते हैं। क्या इसे पूरे साल चलाया जाएगा?
अभी मलेरिया मुक्त अभियान का 16वां चरण चल रहा है। हमारी कोशिश है कि इसे मौसमी अभियान तक सीमित न रखकर पूरे 12 महीने प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। जब तक बस्तर पूरी तरह मलेरिया मुक्त नहीं हो जाता, अभियान जारी रहेगा। एचएलएल के जरिए लैब सेवाएं शुरू होने के बाद लैब टेक्नीशियनों में नौकरी को लेकर चिंता है। सरकार क्या करेगी?
हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि सरकार किसी भी कर्मचारी के हितों से समझौता नहीं करेगी। वर्तमान में कार्यरत लैब टेक्नीशियन वहीं काम करते रहेंगे। उनका भुगतान पहले की तरह सरकार की ओर से ही किया जाएगा। कुआकोंडा और कटेकल्याण में बन रहे अस्पतालों का काम धीमा है। ये कब तक शुरू होंगे?
मैं इसकी जानकारी लेकर समीक्षा करूंगा। यदि निर्माण कार्य लंबित है तो उसे जल्द पूरा कराया जाएगा। दोनों अस्पताल जल्द मरीजों की सेवा में शुरू हो सकेंगे। बस्तर के गंभीर मरीजों को आज भी रायपुर रेफर करना पड़ता है। सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं कब तक पूरी तरह उपलब्ध होंगी?
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के सौ दिन पूरे हुए हैं। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के भी लगभग सौ दिन हो चुके हैं। इसी दौरान हमने कैथ लैब भी शुरू की है। हमारी कोशिश है कि अधिक से अधिक सुपर स्पेशियलिटी इलाज बस्तर में ही उपलब्ध कराया जाए। रेफरल कम हो। बस्तर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की चुनौती कब तक दूर होगी?
कांकेर और जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। दंतेवाड़ा में भी मेडिकल कॉलेज शुरू होने जा रहा है। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भी शुरू हो चुका है। हम चरणबद्ध तरीके से विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर कर रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत कर रहे हैं। बस्तर में कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है और एनआरसी में बेड कम हैं। सरकार क्या करेगी?
कुपोषण के खिलाफ सरकार लगातार अभियान चला रही है। अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचकर सुपोषण अभियान संचालित किया जा रहा है। जहां एनआरसी में बेड की कमी होगी, वहां जरूरत के अनुसार नए सेटअप और अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
