केंद्र सरकार ने देश में स्मार्टफोन, लैपटॉप, वियरेबल्स (स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड) और स्मार्ट टीवी जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज बनाने में इस्तेमाल होने वाले सामान से बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) हटा दी है। इससे स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी सस्ते हो सकते हैं। अब डिस्प्ले असेंबली, लीथियम-आयन सेल और इंडक्टर कॉयल मॉड्यूल के मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। सरकार ने घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए ये कदम उठाया है। मार्च 2029 तक लागू रहेगी छूट, कंपनियों की लागत कम होगी इन खास प्रोडक्शन मशीनों के इम्पोर्ट पर अब नहीं देना होगा कोई टैक्स ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की नई लिस्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स और बैटरी बनाने वाली लगभग सभी जरूरी चीजें शामिल हैं। अब कंपनियों को पाउडर ड्रायर, ऑटोमैटिक फीडिंग और ब्लेंडिंग सिस्टम, स्लरी ट्रांसफर सिस्टम, कैथोड और एनोड एक्सट्रूज़न कोटिंग मशीनें, कम्प्रेशन इक्विपमेंट और हाई वैक्यूम पंप मंगाने पर टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा वाइंडिंग मशीन, इलेक्ट्रोड कटिंग और स्लिटिंग मशीन, टेस्टिंग मशीन, ऑटो-पैकिंग सिस्टम, सेपरेटर कोटिंग मशीन और स्टैकिंग मशीन भी इस छूट के दायरे में आएंगी। स्मार्टफोन, लैपटॉप और स्मार्ट टीवी हो सकते हैं सस्ते इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि डिस्प्ले असेंबली और लीथियम-आयन सेल किसी भी स्मार्टफोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी की कुल लागत का एक बहुत बड़ा हिस्सा होते हैं। इन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटने से कंपनियों को मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी राहत मिलेगी। आने वाले समय में कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों को ट्रांसफर कर सकती हैं, जिससे भारत में बने इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स की कीमतें कम हो सकती हैं। PLI स्कीम को सपोर्ट करना और इम्पोर्ट पर निर्भरता घटाना है मकसद सरकार का यह फैसला इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए चल रही प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम के उद्देश्यों के लिए सही है। अभी में भारत को डिस्प्ले असेंबली और लीथियम-आयन सेल जैसी प्रमुख चीजों के लिए बड़े पैमाने पर दूसरे देशों (विशेषकर चीन और वियतनाम) पर निर्भर रहना पड़ता है। इस ड्यूटी छूट के बाद स्थानीय स्तर पर प्रोडक्शन बढ़ेगा, जिससे विदेशी देशों पर भारत की निर्भरता कम हो जाएगी। क्या होती है बेसिक कस्टम ड्यूटी? बेसिक कस्टम ड्यूटी यानी BCD वह टैक्स है जो देश के बाहर से आने वाले सामानों के इम्पोर्ट पर लगाया जाता है। इसे हटाने का मतलब है कि अब कंपनियां विदेशों से कच्चा माल बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के मंगा सकेंगी और भारत में फाइनल प्रोडक्ट तैयार करेंगी।
