छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में जेसीबी का टायर फटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हो गए। दरअसल, पंचर टायर में हवा भरते समय उस पर 4 लोग बैठे हुए थे, एक शख्स पास में खड़ा था और एक चेयर पर बैठा था। सभी बातचीत कर रहे थे, और टायर में हवा भरा रहा था। तभी अचानक टायर में जोरदार ब्लास्ट हुआ। उस पर बैठे लोग करीब 10 से 15 फीट हवा में उछल गए। इसी दौरान दुकान के हेल्पर के सिर में चोट लगने से मौत हो गई। ऑपरेटर, मैकेनिक समेत 3 लोग घायल हो गए। यह घटना चकरभाठा थाना क्षेत्र के बोदरी स्थित फॉर्च्यून एलिमेंट की निर्माणाधीन कॉलोनी की है। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। टायर फटने के बाद लोहे का डिस्क निकलकर 30-40 फीट दूर जा गिरा। पहले देखिए तस्वीरें… हवा भरने के दौरान हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, फॉर्च्यून एलिमेंट की निर्माणाधीन कॉलोनी में जेसीबी के टायर की मरम्मत की जा रही थी। पंचर ठीक करने के बाद टायर में हवा भरी जा रही थी। तभी अचानक टायर जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना तेज था कि पास खड़ा हेल्पर करीब 15 फीट तक हवा में उछल गया। जमीन पर गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हेल्पर का जबड़ा उखड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाका इतना जबरदस्त था कि हेल्पर का जबड़ा उखड़ कर बाहर निकल गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान उमाकांत कौशिक (22) के रूप में हुई है, जो सीपत का रहने वाला था। इस घटना में जेसीबी ऑपरेटर, मैकेनिक और एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को पहुंचाया अस्पताल इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें टायर फटने के बाद हेल्पर, मैकेनिक और दो अन्य व्यक्ति हवा में उछलते हुए दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर चकरभाठा पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा कैसे हुआ और कहीं सुरक्षा में कोई लापरवाही तो नहीं हुई। टायर फटने की यह घटना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। टायर फटने के ये कारण हो सकते हैं जेसीबी, ट्रक या अन्य भारी वाहनों के टायर में हवा भरते समय टायर फटने के कई कारण हो सकते हैं: टायर पहले से क्षतिग्रस्त होना – टायर में कट, दरार, कमजोर हिस्सा या अंदरूनी नुकसान हो तो दबाव बढ़ने पर वह फट सकता है। ओवर-इन्फ्लेशन (जरूरत से ज्यादा हवा भरना) – निर्धारित दबाव से अधिक हवा भरने पर टायर पर दबाव पड़ता है और वह फट सकता है। रिम या बीड की खराबी – टायर का किनारा (बीड) सही तरह से रिम पर न बैठा हो या रिम क्षतिग्रस्त हो, तो हवा भरते समय टायर या रिम फेल हो सकता है। पंचर मरम्मत में खामी – मरम्मत ठीक से न हुई हो तो कमजोर जगह दबाव नहीं झेल पाती। पुराना या घिसा हुआ टायर – लंबे समय तक इस्तेमाल से टायर की मजबूती कम हो जाती है।
