पीयूसी के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूरी:बिना ओटीपी के नहीं मिलेगा, पुरानी गाड़ियों को सड़कों से बाहर करने बनाया नया सिस्टम

प्रदेश में गाड़ियों को पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट जारी करने में अब सख्ती की जा रही है। इसलिए अब पहली बार ऐसा होगा जब पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए गाड़ी की आरसी बुक बनाते समय जो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड कराया गया होगा, उसमें ओटीपी आएगा। बिना ओटीपी सत्यापन के किसी को भी पीयूसी सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा। हालांकि नए सिस्टम से उन गाड़ी मालिकों को परेशानी हो सकती है जिनके वाहन रिकॉर्ड में पुराना, गलत या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे वाहन मालिकों को परिवहन विभाग के रिकार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने यह व्यवस्था लागू की है। अभी केवल रायपुर में ही 20 लाख से ज्यादा गाड़ियां हैं। इनमें करीब 30% के पास पीयूसी सर्टिफिकेट ही नहीं है। एक मोबाइल नंबर से 1 ही सर्टिफिकेट परिवहन विभाग के अफसरों को इस तरह शिकायत लगातार मिल रही थी कि पीयूसी सर्टिफिकेट बनाने के लिए बेहद लापरवाही बरती जा रही थी। कई बार एक ही गाड़ी और मोबाइल नंबर पर कई सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाते थे। वाहन मालिक की वास्तविक पहचान और मोबाइल सत्यापन नहीं होने से कई बार रिकॉर्ड की शुद्धता पर भी सवाल उठ रहे थे। इस वजह से अब सुरक्षित और पुख्ता सिस्टम तैयार किया गया है। इससे किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा या गलत जानकारी से पीयूसी बनवाना आसान नहीं होगा। पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थी। इसके बाद ही नया ओटीपी सिस्टम लागू किया गया है। गाड़ी के पंजीयन के समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया है उसी पर ओटीपी आएगा। जिनके नंबर बदल गए हैं वे उसे अपडेट करा सकते हैं। -डी रविशंकर, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं क्या कोई और सुविधा मिलेगी?
परिवहन विभाग ऐसा सिस्टम बना रहा है जिसके तहत वाहन मालिकों को पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता खत्म होने से पहले ही उनके मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाएगा। इससे वाहन मालिक समय रहते प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करा सकेंगे और नियम के उल्लंघन से बच सकेंगे। पीयूसी न होने पर क्या जुर्माना है?
हां, पीयूसी कार्ड नहीं होने पर बाइक, कार, मालवाहक वाहनों पर अलग-अलग जुर्माना लगता है। यह एक हजार से 10 हजार रुपए तक होता है। नियमानुसार गाड़ी खरीदने के एक साल बाद ही प्रदूषण मानक की चेकिंग अनिवार्य है। प्रकरण गंभीर होने पर सजा और लाइसेंस सस्पेंड भी हो सकता है। यह जरूरी क्यों किया गया?
जिन वाहनों को राज्य के बाहर जाना पड़ता है, वे टोल नाकों पर हाईटेक स्कैनिंग मशीनों से गुजरते हैं। इसमें पता लग जाता है कि पीयूसी है या नहीं। गाड़ी मालिकों को यह करना होगा मोबाइल नंबर कैसे अपडेट कराएं?
जिनके मोबाइल नंबर बदल गए, बंद हैं या पुराने हो गए हैं वे परिवहन विभाग की वेबसाइट https://cgtransport.gov.in या पीयूसी सेंटर पर मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं। सुदूर इलाके में स्थित पीयूसी सेंटर वालों को दिक्कत होगी क्या?
– छोटे कस्बों में पीयूसी सेंटर संचालकों को सर्वर की दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि ओटीपी मोबाइल पर आएगा। डेटा सिक्योरिटी की क्या गारंटी है?
– पीयूसी सेंटर में कोई दस्तावेज देने की जरूरत ही नहीं है। गाड़ी नंबर के आधार पर मोबाइल में ओटीपी आएगा। आधार ऑथेंटिकेशन या मोबाइल नंबर का मिस यूज तो नहीं होगा?
– पीयूसी सेंटर में बायोमेट्रिक निशान नहीं देना है। न ही किसी तरह का कोई लिंक कराना है। इसलिए ये सुरक्षित रहेगा। स्टेट के बाहर के वाहनों को किस तरह से कंट्रोल करेंगे?
– गाड़ी किसी भी राज्य की हो, पंजीयन कराते समय जो मोबाइल नंबर दिया है ओटीपी उसी में आएगा। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा।

More From Author

सप्लाई चेन तक पहुंचेगी पुलिस:नशे के 210 हॉटस्पॉट, जहां बिक रही नशीली टेबलेट, गांजा और सिरप, मानसून में शुरू होगा ऑपरेशन क्लीन

थोक महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा, 9.68% पर पहुंची:चांदी एक दिन में ₹8906 और सोना ₹2846 महंगा; US-ईरान समझौते से क्रूड ऑयल के दाम गिरे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *