थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास एक 9वीं कक्षा के छात्र ने अपने दादा-दादी की हत्या कर दी। इसके बाद वह स्कूल पहुंचा और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हमले में 3 टीचर और 3 छात्रों समेत 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, घटना नोंथाबुरी प्रांत के डेबसिरिन नोंथाबुरी स्कूल की है। जांच में पता चला कि स्कूल जाने से पहले छात्र ने अपने घर में दादा-दादी की हत्या की थी। बाद में दोनों के शव घर से बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई 9 एमएम पिस्टल छात्र के दादा की थी, जो पेशे से शिक्षक थे। हमले के बाद आरोपी छात्र भी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि छात्र ने यह वारदात क्यों की, इसकी जांच की जा रही है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद देने के निर्देश दिए हैं। गोलियां चलते ही क्लासरूम में छिप गए छात्र प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही गोलियों की आवाज आई, छात्र अपनी जान बचाने के लिए क्लासरूम में छिप गए। कुछ देर बाद पुलिस ने दरवाजा खटखटाकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और बाहर मौजूद लोग एक-दूसरे को संभालते नजर आए। थाईलैंड में पहले भी हो चुकी हैं बड़ी गोलीबारी की घटनाएं
थाईलैंड में स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर गोलीबारी की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इन घटनाओं के बाद थाई सरकार ने हथियारों की उपलब्धता और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की निगरानी बढ़ाने की बात कही थी। इसके बावजूद समय-समय पर ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
