झारखंड में परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ 4 दिन से अनशन पर बैठे आंदोलनकारी राहुल क्रांति की शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से रांची सदर अस्पताल ले जाया गया है। इनकी मांग है कि जेपीएससी परीक्षा रद्द की जाए। देवेंद्र नाथ समेत 6 आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर हैं। उधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की। उन्होंने छात्रों से कहा कि कांग्रेस आपके साथ हैं। वहीं, आइसा समेत 2 छात्र संगठनों ने ऐलान किया है कि वे दिन में विधानसभा मार्च निकालेंगे। विधानसभा का सत्र फिलहाल जारी है। बाबूलाल मरांडी ने आज सदन में छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठाया और कहा कि सरकार को बातचीत करनी चाहिए। छात्रों के प्रदर्शन की फोटोज देर रात पहुंचे SDM, बातचीत बेनतीजा गुरुवार को प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार के साथ बातचीत के लिए एक कमेठी बनाई थी, लेकिन दोनों पक्षों में बातचीत नहीं हो सकी। गुरुवार देर रात करीब 10:45 एसडीओ और एसडीम लॉ-एंड-ऑर्डर छात्रों के पास पहुंचे। अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सरकार सिर्फ छात्रों से बात करना चाहती है, लेकिन छात्र अपनी बात पर अड़े रहे। उनके प्रतिनिधिमंडल में दो पत्रकार और एक पूर्व महाधिवक्ता भी हैं। करीब 45 मिनट तक चली बैठक आखिरकार बेनतीजा रही और अधिकारी वापस लौट गए। राहुल गांधी ने कहा- कांग्रेस आंदोलनकारियों के साथ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार रात अनशन पर बैठे छात्र नेता रविंद्र पासवान से फोन पर बात की। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देने की बात की। इससे पहले उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से छात्रों का सपोर्ट करने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘देश में जो स्टूडेंट प्रोटेस्ट हो रहे हैं, वह एजुकेशन सिस्टम के खिलाफ हो रहे हैं। हमारा एजुकेशन सिस्टम खत्म हो गया है। हर सरकार को छात्रों की बात सुनाई चाहिए। एजुकेशन सिस्टम को बदलना चाहिए। चाहे वह कांग्रेस की सरकार हो या झारखंड सरकार हो। छात्र बोले- सरकार हमारी सुन नहीं सकती तो इस्तीफा दे मास्टरमाइंड से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ JPSC परीक्षा में गंभीर और अनियमितताा की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। CID के सामने फर्जीवाड़े के बड़े सिंडिकेट की परतें खुलती जा रही है। मामले में CID अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच के दौरान मास्टरमाइंड अभय तिवारी से लगातार 10 दिनों तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, अभय तिवारी ने बताया कि परीक्षा में सफलता दिलाने के नाम पर प्रत्येक अभ्यर्थी से 40 से 60 लाख रुपए तक की डील होती थी। इस रकम में ऊपर से नीचे तक जुड़े लोगों का हिस्सा पहले से तय रहता था।
