डोंगरगढ़ भाजपा में लंबे समय से चल रहा संगठनात्मक विवाद अब बड़े एक्शन में बदल गया है। प्रदेश भाजपा ने डोंगरगढ़ मंडल इकाई को भंग कर दिया है और पांच कार्यकर्ताओं को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई से जिले की सियासत में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश भाजपा द्वारा जारी आदेश में जिन कार्यकर्ताओं के निष्कासन का उल्लेख है, उनमें प्रिंस कक्कड़, अनिल पांडेय, वीरेंद्र साहू, संतोष राव और परविंदर सिंह मोंटी शामिल हैं। ये सभी नाम पिछले कुछ समय से डोंगरगढ़ भाजपा के भीतर चल रहे विवादों और इस्तीफों के बीच लगातार चर्चा में थे। संगठन स्तर पर इसे अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है। अनुशासनहीनता पर भाजपा सख्त प्रदेश नेतृत्व ने मंडल इकाई को भंग कर यह स्पष्ट संकेत दिया है कि संगठन अनुशासन को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्टी के अनुसार, डोंगरगढ़ भाजपा मंडल का जल्द नए सिरे से गठन किया जाएगा। माना जा रहा है कि नए चेहरों के साथ मंडल का पुनर्गठन होगा, ताकि संगठन को फिर से मजबूत किया जा सके। हालांकि, इस कार्रवाई से पुराने विवादों पर तत्काल विराम लगता नहीं दिख रहा है, बल्कि इसे डोंगरगढ़ भाजपा के भीतर चल रही खींचतान पर प्रदेश नेतृत्व का सीधा हस्तक्षेप माना जा रहा है। बतादें कि डोंगरगढ़ भाजपा में बीते कई दिनों से असंतोष, गुटबाजी और सामूहिक इस्तीफों का सिलसिला जारी था। पहले 111 कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की बात सामने आई थी, जिसके बाद 26 नेताओं ने अलग रास्ता चुनने का ऐलान किया। इसके बाद भी लगातार नए इस्तीफे और विरोध के स्वर तेज होते चले गए।
