रिलायंस इंडस्ट्रीज अपनी 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग आज दोपहर 2 बजे होगी। इस बार निवेशक किसी नए बिजनेस के ऐलान के बजाय इस बात पर क्लैरिटी चाहते हैं कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग कब होगी। पिछले साल रिलायंस ने इस आईपीओ का ऐलान किया था और संकेत दिया था कि जियो को 2026 की पहली छमाही में लिस्ट किया जा सकता है। रिलायंस रिटेल के आईपीओ का भी ऐलान हो सकता है जियो के साथ-साथ, निवेशक रिलायंस रिटेल के संभावित आईपीओ को लेकर भी संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। नए स्टोर खोलने, लगातार बढ़ती ग्राहकों की संख्या और डिजिटल व क्विक-कॉमर्स चैनलों में ग्रोथ के दम पर रिटेल बिजनेस ग्रुप के सबसे अहम ग्रोथ इंजनों में से एक बनकर उभरा है। ऐसे में लिस्टिंग के प्लान या लॉन्ग-टर्म ग्रोथ टारगेट को लेकर बयान पर निवेशकों की नजरें रहेंगी। चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 13% गिरा वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में रिलायंस का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में 2.64 लाख करोड़ रुपए रहा था।
