छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने 3 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों भी वारदात वाली रात घटनास्थल पर मौजूद थे। इस केस में अब तक 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत 4 आरोपियों ने मनेंद्रगढ़ थाने में सरेंडर कर दिया था। वहीं, 5 अन्य आरोपियों को पुलिस ने अलग-अलग क्षेत्रों से गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है। वहीं, बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। दरअसल, 16 जून की रात नौगईं गांव में आरोपियों ने रेत तस्करी विवाद में फॉर्च्यूनर में पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। कार में एक ही परिवार के 5 लोग सवार थे। हादसे में भाजपा नेता लल्ला सिंह और नागेंद्र सिंह की जलने से मौत हो गई। वहीं, आरोपियों ने भाजपा नेता के भाई का विरेंद्र सिंह का गला फरसे से काट दिया था। अन्य 2 घायलों का इलाज अभी जारी है। इधर क्षत्रिय समाज ने वारदात की SIT जांच की मांग की है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अभी पकड़े गए आरोपी घटनास्थल पर मौजूद थे पुलिस ने मामले में जिन 3 आरोपियों को मंगलवार (23 जून) को गिरफ्तार किया है, उनमें मनीष त्रिपाठी, जितेंद्र त्रिपाठी और अनिल तिवारी शामिल हैं। मनीष और जितेंद्र पहले पकड़े गए मुख्य आरोपियों के परिवार के मेंबर हैं। वहीं, अनिल तिवारी भी करीबी रिश्तेदार है। घटना के दौरान तीनों के मोबाइल का लोकेशन घटनास्थल पर मिला है। इसी आधार पर पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया है। कोरिया एसपी रवि कुर्रे ने बताया कि, यह तीनों आरोपी घटना में शामिल थे। आरोपियों में जितेंद्र त्रिपाठी की घटना से पहले भरत सिंह लल्ला और मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी समेत अपनी पत्नी से फोन पर बात हुई थी। जितेंद्र त्रिपाठी का लल्ला सिंह से भी पहले से अच्छे संबंध थे। 2 फरार संदिग्धों की तलाश जारी कोरिया पुलिस ने बताया कि, घटना में शामिल दो संदिग्ध सुशील त्रिपाठी और अंजनी त्रिपाठी की पुलिस तलाश कर रही है। मामले में उनकी भी संलिप्तता की आशंका है। ये दोनों सदस्य भी त्रिपाठी परिवार के सदस्य हैं। हत्याकांड में सुशील त्रिपाठी की भूमिका ज्यादा होना बताया गया है। रेत तस्करी से अवैध उगाही को लेकर बढ़ा विवाद रेत के अवैध खनन को लेकर लल्ला सिंह के परिवार का भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार से विवाद चल रहा था। चिरमी के रेत घाट का ठेका करीब 8 माह पहले मयंक सिंह के नाम पर मिला था। इसके बाद मयंक सिंह और उनका परिवार सोनहत, कैलाशपुर और तेलीमुड़ा, बेलिया और छिंगुरा से निकलने वाले अवैध रेत से भी वसूली शुरू कर दी। भाजपा नेता लल्ला सिंह और उनके परिवार के सदस्य फार्च्यूनर में हूटर बजाते हुए चलते थे। मयंक सिंह प्रति हाईवा 1000 रुपए का शुल्क लेता था। जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में एक हाईवा रेत 5000 रुपये तक में बिकती है। त्रिपाठी परिवार के पास कुछ टीपर वाहन हैं, जिनसे वे रेत निकालकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बेचते थे। त्रिपाठी परिवार दूसरे घाट से निकाले गए रेत का पैसा देने तैयार नहीं था, जिसे लेकर कई माह से दोनों परिवारों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। शिकायत दर्ज कर हटवाया हूटर, मारपीट से बढ़ा तनाव भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े करीबी और दबंग नेता थे। आरोपी मनोज त्रिपाठी पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भाजपा विधायक रेणुका सिंह का करीबी नेता माना जाता है। भरत सिंह की फार्च्यूनर गाड़ी में हूटर लगाए जाने की शिकायत सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भरतपुर-सोनहत विधायक रेणुका सिंह के दबाव में कार्रवाई कर हूटर हटवा दिया था, जिसके बाद तनाव और बढ़ गया। मंगलवार को त्रिपाठी परिवार के निशांत त्रिपाठी के साथ सिंह परिवार के मयंक सिंह, उत्कर्ष सिंह, लवकुश सिंह और अन्य ने नौगईं के शिवघाट के पास मारपीट कर दी। मामले में एफआईआर सोनहत थाने में दर्ज कराई गई थी। यह घटना हत्याकांड की वजह बन गई। क्षत्रिय समाज ने की एसआईटी जांच की मांग परिवार के तीन सदस्यों की हत्या को लेकर क्षत्रिय समाज ने मंगलवार को सरगुजा आईजी से मुलाकात की और पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की। क्षत्रिय समाज ने परिवार के अन्य लोगों की सुरक्षा करने और घटना में शामिल अन्य लोगों की जांच कर गिरफ्तारी की मांग की है। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़- भाजपा नेता को फॉर्च्यूनर में जिंदा जलाया, 3 मौतें:हाईवा अड़ाकर लगाई आग, साथियों को फरसे से काटा, रेत तस्करी विवाद में हत्या छत्तीसगढ़ के कोरिया में रेत तस्करी को लेकर भाजपा नेता समेत 3 लोगों की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने फॉर्च्यूनर के आगे-पीछे हाईवा अड़ाकर रास्ता रोका, फिर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इसमें भाजपा के पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह जिंदा जल गए। पढ़ें पूरी खबर…
