अविमुक्तेश्वरानंद बोले-कंगना पर किसी का कंट्रोल नहीं, लाइसेंस मिला है:कहा- छत्तीसगढ़ सरकार अब डबल इंजन नहीं, केंद्र की खींची हुई बोगी है

छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने अलग-अलग मुद्दों पर बयान दिया है। उन्होंने जंतर-मंतर में हुए आंदोलन को सरकार की विफलता का आंदोलन बताया। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सरकार जनता को डराकर राज कर रही है, ये रावण राज है। कंगना रनौत के गटर जनरेशन वाले बयान पर अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि कंगना पर किसी का नियंत्रण नहीं, उन्हें तो लाइसेंस मिला है। वहीं, छत्तीसगढ़ की डबल इंजन सरकार पर बयान देते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि प्रदेश अब डबल इंजन नहीं बल्कि बोगी बन गया है, जिसे केंद्र खींच रहा है। बता दें कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बेमेतरा में चातुर्मास के लिए आए हुए हैं, जहां उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत की और अलग-अलग मुद्दों पर अपने विचार रखे। पढ़ें पूरी बातचीत। सवाल: जंतर-मंतर का आंदोलन युवाओं की नाराजगी थी या सरकार की विफलता? जवाब: जंतर-मंतर में युवा का प्रदर्शन कम था, ये केंद्र सरकार की अनदेखी यानि विफलता थी। शुरू में जब पेपर लीक हुए तभी सरकार को संभालना चाहिए था। पूरे देश से आवाज उठ रही थी, बच्चे आत्महत्या कर रहे थे, तब इन्होंने लंबे समय तक जवाबदेही नहीं ली। उसके परिणामस्वरूप ये आक्रोश लोगों के मन में बढ़ा और उसका नतीजा जंतर-मंतर है। सवाल: अगर Gen Z आपके शिष्य बने, तो क्या सीख देंगे? जवाब: Gen Z भी हमारे शिष्य हैं। हमारे तो सभी आयु वर्ग के लोग शिष्य हैं। सब हमारी बात सुनते हैं। जो जिस आयु वर्ग का होता है, उस परिस्थिति में रहता है, उन्हें हम बताते हैं कि तुम्हें क्या करना चाहिए। Gen Z के लिए यही कहना चाहेंगे कि जो ईमानदारी है, उसको मत छोड़ो। ढोंग-पाखंड में मत फंसो। सच्चे धर्म को जानो और उसको अपने जीवन में अपनाओ, ताकि तुम्हारा आत्मिक और भौतिक दोनों तरह का कल्याण हो सके। सवाल: कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों को ‘गटर जनरेशन’ कहा? जवाब: कंगना रनौत भारतीय जनता पार्टी की नेता हैं। उनको तो लाइसेंस मिला है, वो जो चाहे बोल सकती हैं। ऐसी परिस्थिति में जो सत्ता में है, वो निरंकुश (जिस पर किसी का नियंत्रण न हो) है, जो चाहे बोले। कंगना रनौत उसी का प्रतीक हैं। मर्यादा तो कहीं अभी रही नहीं है। सवाल: आपने उत्तर प्रदेश में ‘रावण राज’ की बात कही थी, इसकी वजह क्या है? जवाब: यूपी में जनता को डरा कर रखा जा रहा है, वहां कोई कुछ बोल नहीं सकता, चूं नहीं कर सकता। ये तरीका रावण का तरीका था। वो सबको दबाकर रखता था। रावण की राजपद्धति ही थी कि उसने सबको अपने बाहुबल से दबा दिया था। ऐसे ही इस समय निरंकुश सत्ता जनता को डरा कर उनके ऊपर राज करने की सत्ता है। राम के राज्य में प्रजा को निर्भय किया जाता है। डरो मत, बोलो। अगर हमसे गड़बड़ी हुई है, तो आपको राम जी के भाषण उत्तरकांड में लिखा हुआ है। हम गौ माता की रक्षा के लिए निकले, इसमें जिसने भी साथ दिया उनके खिलाफ केस किया गया। धमकाया गया। क्या गाय की रक्षा करना अपराध है? इसलिए हमने रावण राज कहा। सवाल: छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार के कामकाज का कैसे आकलन करते हैं? जवाब: चाहे छत्तीसगढ़ की सरकार हो, चाहे किसी दूसरे प्रदेश की सरकार हो। हर भाजपा सरकार एक ही ढर्रे पर है। अयोग्य व्यक्ति को पद पर बैठाओ, योग्य व्यक्तियों को चुप करा दो और जो ऊपर से आदेश आए, उसी का परिपालन करो। अब डबल इंजन नहीं है, अब प्रदेश बोगी हो गया है। अब उसको जो केंद्र है, वह बोगी के अनुसार खींच रहा है। प्रदेश के नेता में हिम्मत नहीं है कि अपने प्रदेश के लिए कुछ स्वतंत्रतापूर्वक कर सके। सवाल: छत्तीसगढ़ में आदिवासी इलाकों में धर्मांतरण हो रहा हैं? जवाब: जो संस्कृतियां बची हैं, अब उनको भी नष्ट करने का मौका आ गया है। हमारे गांव में जो संस्कृति थी, जिसमें मिट्टी की महक है। अब उस मिट्टी की महक का शहरीकरण हो रहा है। अब जंगलों में थोड़ी संस्कृति बची है। आदिवासी एकांत में रह रहे हैं। अब उसमें भी नंबर लगा दिया गया है। आगे चलकर वह भी अंग्रेज हो जाएंगे। भारत के लोगों को अंग्रेज बना देना, यह भारतीय संस्कृति पर हमला नहीं तो क्या है। इसलिए भारत को भारत रहने दो, यह हमारा नारा है। सवाल: क्या सत्ता से सवाल पूछना भी संतों की जिम्मेदारी है? जवाब: संत भोजन, कपड़ा समाज से ही पाते हैं। हमारा पोषक वर्ग है, उसके बारे में अगर अन्याय, अत्याचार हो रहा है, तो हम आवाज उठाएंगे। संतों की समाज के प्रति जवाबदेही है। अगर सरकारें निरंकुश होकर अन्याय, अत्याचार कर रही हैं, तो जनता के पक्ष में खड़े होकर जनता की आवाज को स्वर देना जरुरी है। सवाल: बस्तर की आदिवासी संस्कृति में संत समाज की क्या भूमिका होनी चाहिए? जवाब: बस्तर के जंगल-जमीन का मामला था, उसमें जो जंगल के आदिम निवासी हैं, उनकी भागीदारी होनी चाहिए थी। वो तो खत्म हो रही है। अब बड़े उद्योगपति आ रहे हैं, वहां के संसाधनों को चूसकर ले जा रहे हैं, खोखला कर रहे हैं। जंगल को खोखला कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनके आगे तो उनका भविष्य धुंधला ही दिखाई दे रहा है। इसलिए हम चाहते हैं कि ये जो पूंजीवादी सरकार है, ये जो उद्योगपतियों के द्वारा संसाधनों का दोहन बड़े पैमाने पर निरंकुश होकर किया जा रहा है, उस पर लगाम लगनी चाहिए। ………………… शंकराचार्य के बयानों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- CM योगी असली हिंदू नहीं: बिलासपुर में कहा- 40 दिन में भी साबित नहीं कर पाए, UGC नियम हिंदुओं को बांटने वाला रायपुर में अविमुक्तेश्वरानंद बोले- महात्मा गांधी राष्ट्रपिता नहीं: निश्चलानंद के गौ-हत्या के एजेंट वाले बयान का किया समर्थन; कहा- मोदी से निराशा मिली शंकराचार्य निश्चलानंद बोले- अविमुक्तेश्वरानंद तामझाम के कारण रोके गए: दुर्ग में कहा-स्नान करने से नहीं रोके गए, मामले को गलत तरीके से पेश किया गया

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