अपेक्स बैंक के मैनेजर समेत 3 कर्मचारी बर्खास्त:5 आउटसोर्स कर्मचारी भी हटाए गए; 18 करोड़ के गबन में बड़ी कार्रवाई

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बरमकेला शाखा में करीब 18.13 करोड़ रुपए के गबन मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) ने बड़ी कार्रवाई की है। बैंक प्रबंधन ने जांच में दोषी पाए गए शाखा प्रबंधक, लेखाधिकारी और लिपिक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं 5 आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नौकरी से बाहर कर दिया गया है। बैंक ने साफ किया है कि गबन में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों से नियमों के तहत राशि की वसूली भी की जाएगी। बैंक के अधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। बातचीत में उन्होंने बताया कि पहले जांच में करीब 1 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई थी, लेकिन बाद में दोबारा जांच कराई गई। नई जांच में पता चला कि बरमकेला शाखा में अप्रैल 2021 से नवंबर 2024 के बीच समितियों और किसानों के खातों में अनियमित लेन-देन करके करीब 18.13 करोड़ रुपए का गबन किया गया है। समितियों और KCC खातों से की गई हेराफेरी जांच में सामने आया कि शाखा से जुड़ी समितियों के खातों को डेबिट कर डीएमआर खातों के जरिए नियमों के विपरीत ट्रांजेक्शन किए गए। इसके अलावा किसानों के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) खातों में भी बिना अनुमति के पैसे का लेन-देन और ट्रांसफर किया गया। इस पूरे मामले में बैंक ने पहले ही 8 कर्मचारियों के खिलाफ 4 मई 2025 को बरमकेला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच के बाद 3 कर्मचारी बर्खास्त उच्च स्तरीय जांच और विशेष ऑडिट के बाद बरमकेला शाखा में पदस्थ तत्कालीन शाखा प्रबंधक डी.आर. वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष कुमार पटेल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे लिकेश कुमार बैरागी, रमाकांत श्रीवास, अरुण चंद्राकर, खीरदास महंत और बालकृष्ण कर्ष को भी नौकरी से हटा दिया गया है। EOW करेगी जांच बैंक प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपने के लिए सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। जल्द ही EOW इस मामले की जांच शुरू करेगी। बैंक ने कहा है कि गबन में शामिल सभी लोगों से नियमानुसार रिकवरी भी की जाएगी। सहकारी बैंकों में बढ़ाई जा रही निगरानी केदार नाथ गुप्ता ने बताया कि सहकारी बैंकों में गबन और किसानों के नाम पर फर्जी ऋण की घटनाओं को रोकने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था लागू की जा रही है। ई-केसीसी पोर्टल के जरिए किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन कर ऋण वितरण किया जा रहा है। बैंकिंग निरीक्षण और ऑडिट व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण से लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। बैंक का मुनाफा बढ़ा बैंक के मुताबिक वित्तीय अनियमितताओं पर सख्ती और निगरानी बढ़ाने का असर बैंक के प्रदर्शन पर भी दिखा है। वर्ष 2024-25 में अपेक्स बैंक ने 38.99 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था, जो 2025-26 में बढ़कर 40.86 करोड़ रुपए हो गया है। 1451 समिति प्रबंधकों की भर्ती को मंजूरी सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 1451 समिति प्रबंधकों की भर्ती को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश में 515 नई पैक्स समितियां बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि इससे गांवों में सहकारी सेवाएं और मजबूत होंगी और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

More From Author

शराब के नशे में चाकू लहराकर कर रहा था गुंडागर्दी:जान से मारने की दी धमकी, पुलिस से हुई शिकायत, गिरफ्तारी के बाद भेजा जेल

सरकार बोली- पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज, नागरिकता का प्रमाण नहीं:इसे भारतीयों को जारी किया जाता लेकिन ये नागरिकता साबित नहीं करता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *