SIR में नाम कटने पर सरकारी सुविधाएं देने की मांग:सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर चुनाव आयोग और बंगाल सरकार से जवाब मांगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वोटर लिस्ट से बाहर किए गए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। इसमें मांग की गई है कि जिन लोगों के नाम स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कट गए हैं उनको योजनाओं का लाभ मिलना बंद नहीं होना चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने मामले में चुनाव आयोग (EC) और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 25 जुलाई से पहले हो सकती है। याचिकाकर्ता प्रसेंजित बोस ने कहा कि सिर्फ वोटर लिस्ट से नाम हटने पर किसी का राशन, अन्नपूर्णा या दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ बंद नहीं होना चाहिए। नागरिकता पर अंतिम फैसला होने तक सभी सुविधाएं मिलती रहनी चाहिए। याचिका में सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग सुप्रीम कोर्ट बोला- नागरिकता तय करना EC का काम सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि चुनाव आयोग का काम सिर्फ वोटर लिस्ट तैयार करना और मतदान से जुड़े मामलों को देखना है। किसी व्यक्ति की नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का अधिकार नहीं है। अगर नागरिकता पर विवाद हो, तो मामला संबंधित सरकारी प्राधिकरण के पास भेजा जाना चाहिए।

More From Author

29 की उम्र में 7 लाख कमा रहा आईटी एक्सपर्ट:रोज 16 घंटे काम, 80 लाख की सेविंग्स के बाद भी परेशान

फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन को पहली बार मिलेंगे 5000 करोड़:फीफा रिकॉर्ड 83,866 करोड़ की ईनामी राशि बांटेगा, इस बार मेडल के साथ चैंपियनशिप रिंग भी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *