सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL का वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 156% बढ़कर 1,290.47 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 504.45 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। BHEL का रेवेन्यू 37% बढ़कर 12,310.37 करोड़ रुपए हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 8,993.37 करोड़ रुपए था। शेयरधारकों के लिए ₹1.40 के डिविडेंड का ऐलान भी किया गयाहै। BHEL ने आज 4 मई को जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे घोषित किए हैं। पूरे वित्त वर्ष में मुनाफा 200% बढ़कर 1,600 करोड़ पहुंचा महारत्न कंपनी का सालभर का मुनाफा भी 200% बढ़कर ₹1,600.26 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा ₹533.90 करोड़ था। वहीं, पूरे वित्त वर्ष में रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹33,782.18 करोड़ पर पहुंच गया है। FY25 में यह ₹28339.48 करोड़ रहा था। FY26 की चौथी तिमाही में BHEL का प्रदर्शन सालाना आधार पर तिमाही आधार पर पूरे साल (FY26) में BHEL का प्रदर्शन नतीजों के बाद शेयर करीब 7% चढ़कर ₹379 पर पहुंचा BHEL का शेयर नतीजों के बाद 52 हफ्ते के उच्च स्तर 399 रुपए पर पहुंच गया था। हालांकि बाद में ये थोड़ा नीचे आया है और 7% से ज्यादा चढ़कर ₹379 पर बंद हुआ। बीते एक साल में शेयर में 65% की तेजी आई थी। वहीं 6 महीने में शेयर 41% चढ़ा है। नॉलेज पार्ट: क्या होती है ‘महारत्न’ कंपनी? भारत सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को उनकी परफॉर्मेंस और टर्नओवर के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न का दर्जा देती है। ‘महारत्न’ का दर्जा उन कंपनियों को मिलता है जिनका पिछले 3 साल का औसत सालाना नेट प्रॉफिट 5,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो या औसत सालाना टर्नओवर 25,000 करोड़ रुपए से अधिक हो।
