पत्रकार मुकेश की हत्या का मास्टर माइंड सुरेश चंद्राकर गिरफ्तार:SIT ने हैदराबाद से पकड़ा, पूछताछ जारी; बीजापुर लाने की तैयारी

छ्त्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मुख्य आरोपी और इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड सुरेश चंद्राकर पकड़ा गया है। SIT ने रविवार की देर रात हैदराबाद से इसे गिरफ्तार किया है। फिलहाल इससे पूछताछ की जा रही है। ये पत्रकार मुकेश चंद्राकर का चचेरा भाई है। इस हत्याकांड में शामिल 3 सगे भाइयों समेत चार आरोपी पकड़े जा चुके हैं। दरअसल, सुरेश चंद्राकर ठेकेदार है। राजनीति से भी जुड़ा हुआ है। मुकेश चंद्राकर ने ठेकेदार की भ्रष्टचार की खबर बनाई थी। इसी बात से नाराज था। जिसके बाद इसने मुकेश की हत्या करवाने की पूरी साजिश रची। अपने बैडमिंटन कोर्ट परिसर में इसने अपने भाई और सुपरवाइजर के हाथों मरवा दिया। बदले जा सकते हैं SIT के अफसर इस हत्याकांड के बाद गठित की गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अधिकारियों को बदला जा सकता है। इन्वेस्टिगेशन टीम में पहले से ही बीजापुर में पदस्थ कुछ अधिकारियों को शामिल किया गया है। पत्रकारों ने इस पर आपत्ति जताई थी। पुलिस हेडक्वार्टर से अन्य अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की गई थी। ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। गृह मंत्री विजय शर्मा के मुताबिक मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा। घर में बनी थी हत्या की पूरी प्लानिंग दैनिक भास्कर ने जब इस मामले की पड़ताल की तो पता चला कि सुरेश चंद्राकर ने मुकेश की हत्या की प्लानिंग अपने घर में बैठकर की थी। छोटा भाई रितेश उसे बुलाएगा और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके के साथ मिलकर उसे मार देगा। क्योंकि उन्हें पता था कि रितेश के बुलाने पर ही मुकेश आ सकता है। प्लान में ये भी था कि हत्या के दिन सुरेश और दिनेश जगदलपुर में रहेंगे, हत्या के बाद रितेश रायपुर और सुरेश हौदराबाद चला जाएगा। वहीं दिनेश और महेंद्र रामटेके दोनों मिलकर शव को ठिकाने लगाएंगे। और इन्होंने ठीक इसी प्लानिंग के तहत ही काम किया। लेकिन पत्रकारों की सक्रियता के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घर से 2 किमी दूरी पर हुई हत्या सुरेश बैडमिंटन कोर्ट परिसर में मौजूद कमरों को स्टोर रूम बनाकर रखा था। आस-पास सैकड़ों घर भी हैं। ये इलाका मुकेश चंद्राकर के घर से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित है। जब भास्कर की टीम ने इलाके में रहने वाले लोगों से बातचीत करने की कोशिश की तो लोगों ने कैमरे के सामने बात करने से मना कर दिया। तीनों हत्यारे भाइयों का अय्याशी का था अड्डा इसकी वजह सुरेश और उसके गुर्गों का डर था। इलाके के लोग भी इस हत्याकांड से सहमे हुए हैं। हालांकि, ऑफ कैमरा लोगों ने बताया कि ये सिर्फ नाम का बैडमिंटन कोर्ट था। यहां तीनों भाई अय्याशी और शराब किया करते थे। अंदर बाड़े में किसी को घुसने नहीं दिया जाता था। यहां वही जाता था जिन्हें सुरेश, दिनेश या फिर रितेश लेकर आते थे। ………………….. पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पत्रकार हत्याकांड…मारने से पहले हत्यारों ने खिलाया खाना:चचेरे भाइयों ने मारा, इनमें जिगरी दोस्त था रितेश, भागने का पहले से तय था रूट ये वो तारीख और वक्त है, जब बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर का मर्डर हुआ। हत्यारों ने पहले डिनर पर बुलाया। खाना खिलाकर जमकर पीटा। जब मुकेश अधमरा हो गया, तो उसका गला घोंटा, फिर धारदार हथियार से सिर पर मारा, जिससे ढाई इंच घाव हो गया। पढ़ें पूरी खबर

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