CBSE ने स्कूल स्टूडेंट्स के लिए क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी की है। नेशनल क्रेडिट रैंकिंग फ्रेमवर्क (NCRF) के तहत 9 से 12वीं तक के स्टूडेंट्स को पढ़ाई के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट, प्रैक्टिकल, स्पोर्ट्स एक्टिविटीज, एक्सपीरियेंशियल लर्निंग के आधार पर क्रेडिट दिए जाएंगे। फ्रेमवर्क के तहत एक एकेडमिक सेशन में 1200 लर्निंग आवर्स के लिए 40 क्रेडिट तय किए गए हैं। स्टूडेंट्स को मुख्य विषयों के साथ ही वोकेशनल विषयों के भी क्रेडिट मिलेंगे। एडिशनल विषय लेने वाले स्टूडेंट्स को भी क्रेडिट मिलेंगे। प्रोफेशनल कोर्सेस में लेटरल एंट्री के अवसर ये क्रेडिट स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद हायर एजुकेशन में मददगार होंगे। मसलन, स्टूडेंट्स को 12वीं के बाद इन क्रेडिट की मदद से विभिन्न प्रोफेशनल कोर्सेस में लेटरल एंट्री के अवसर मिलेंगे। एडमिशन रजिस्ट्रेशन के दौरान ये क्रेडिट मेरिट बेहतर बनाएंगे। NCRF क्या है? NCRF (नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क) भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शुरू किया गया एक क्रेडिट बेस्ड स्ट्रक्चर है। इसे 2023 में शिक्षा मंत्रालय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और अन्य नियामक संस्थाओं ने लागू किया है। सामान्य शिक्षा, वोकेशन एजुकेशन को जोड़ा गया है इसके जरिए स्कूली शिक्षा, हायर एजुकेशन और वोकेशनल या स्किल एजुकेशन में हासिल किए गए क्रेडिट को एक साथ जोड़ा जाता है। इस फ्रेमवर्क के जरिए सामान्य शिक्षा और वोकेशन एजुकेशन को जोड़ने का काम किया जाता है ताकि पहले की पढ़ाई, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट और प्रोफेशनल डेवलपमेंट को सिस्टम में लाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। जैसे – स्कूल स्टूडेंट्स को पढ़ाई, प्रैक्टिकल और कौशल विकास के लिए क्रेडिट दिए जाते हैं। —————————————————- ये खबर भी पढ़ें पीएचडी के लिए आए 8 आवेदन रद्द:रिसर्च सिनॉप्सिस में AI कंटेंट ज्यादा, यूजीसी नियमों का पालन न करने पर अयोग्य घोषित प्रयागराज स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय ने पीएचडी की 5 सीटों के लिए आए 22 आवेदनों की जांच के बाद आठ आवेदन रद्द कर दिए। जांच में पता चला कि कई उम्मीदवारों की रिसर्च सिनॉप्सिस में एआई से तैयार मटेरियल का ज्यादा उपयोग किया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें
