मौसम विभाग कैसे देता है सटीक जानकारी? VIDEO:99% तक सही चेतावनी, समझिए सैटेलाइट-गुब्बारे, डॉप्लर रडार और सुपर कंप्यूटर का काम

इस साल मौसम विज्ञान विभाग ने अल-नीनो के असर के चलते देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई है। छत्तीसगढ़ में भी इसका असर दिख रहा है। प्रदेश में अब तक 398.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 483 मिमी है। यानी अब भी 18% बारिश की कमी बनी हुई है। सभी के बीच मौसम और मानसून को लेकर चर्चा है। बारिश कब होगी? किस जिले में भारी वर्षा होगी? अगले तीन घंटे में आंधी या बिजली गिरने का खतरा है या नहीं? इन सारी चीजों के पीछे देशभर में फैले मौसम निगरानी केंद्र, मौसम गुब्बारों, सैटेलाइट, डॉप्लर वेदर रडार, सुपर कंप्यूटर और वैज्ञानिकों की 24 घंटे चलने वाली वैज्ञानिक प्रक्रिया काम करती है। दैनिक भास्कर ने मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर पहुंचकर जाना कि आखिर मौसम विभाग कैसे काम करता है? मौसम का पूर्वानुमान कैसे तैयार होता है और यह जानकारी सरकार से लेकर आम लोगों तक कैसे पहुंचती है? यह सभी जानकारी VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें।

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