पेपर लीक आंदोलन को 4 चेहरों ने क्रांति में बदला:दीपके ने डिजिटल समर्थन जुटाया; वांगचुक ने भीड़ को एक किया

मई में चीफ जस्टिस सूर्यकांत की ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी वायरल हुई। इसके बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘अगर कॉकरोच कहे जा रहे युवा एकजुट हो जाएं तो क्या होगा?’ कुछ दिनों में दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) बनाई। उसके इंस्टाग्राम पर 2.1 करोड़ फॉलोवर्स हो गए। नीट पेपर लीक को मुद्दा बनाकर CJP ने सड़क पर उतरने का ऐलान किया। सीजेआई की टिप्पणी, नीट पेपर लीक से गुस्सा और सोशल मीडिया पर शुरू हुई व्यंग्यात्मक मुहिम ने ऐसा आंदोलन खड़ा किया कि पार्टी बनने के 70 दिन के अंदर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। कॉकरोच शब्द को आंदोलन की पहचान बना लिया। आंदोलन जंतर-मंतर पहुंचा। देश में यह अपनी तरह का पहला आंदोलन। लेकिन इस आंदोलन को क्रांति में बदलने में दीपके के अलावा सौरव दास, आशुतोष रांका और सोनम वांगचुक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दीपके: पहली बार डिजिटल समर्थन से आंदोलन की जमीनी मशीनरी खड़ी की बोस्टन विवि से मास्टर्स करने वाले अभिजीत दीपके के ‘अगर सारे कॉकरोच साथ आ जाएं तो?’ पोस्ट के साथ आंदोलन की शुरुआत हुई। उन्होंने ऑनलाइन गुस्से को रास्ता दिखाया। आंदोलन जोर पकड़ने पर टीम बनाकर काम बांटे। उन्होंने पहली बार डिजिटल समर्थन से जमीनी मशीनरी खड़ी की। वांगचुक: बिखरी भीड़ को दिशा सही देकर बने आंदोलन के ‘नैतिक कमांडर’ शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक इस आंदोलन के ‘नैतिक कमांडर’ बने। 6 जून से पहले भीड़ अलग-अलग समूहों में बंटी थी। वांगचुक के पहुंचते ही लोग मंच के सामने जुटे और आंदोलन को केंद्र मिला। 28 जून से उनका अनशन आंदोलन का स्थायी मंच बना। इससे आने-जाने वाली भीड़ को प्रतीक मिला। सौरव: प्रदर्शन कर रहे छात्रों, सरकार व मीडिया के बीच किया कड़ी का काम खोजी पत्रकार सौरव दास ने मुख्य प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभाई। वे आंदोलन के सूचना नियंत्रण कक्ष बने। उन्होंने प्रदर्शन की तारीख, मांगें, भागीदारी व सरकार से संवाद की लाइन स्पष्ट की। अलग-अलग राज्यों के समर्थकों से संवाद किया। हिंसा, पुलिस चोटों और आंदोलन में फैली अफवाहों का जवाब दिया। रांका: एजेंडा संभाला, राजनीतिक दलों को आंदोलन पर हावी नहीं होने दिया आईआईटी के छात्र रहे आशुतोष रांका ने एजेंडे को संभाला। रांका की भूमिका मांगों को स्पष्ट रखने की भी रही। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, खुदकुशी कर चुके छात्रों के परिवारों को मुआवजा व केस नहीं, इन मांगों पर आंदोलन को केंद्रित रखा। उन्होंने राजनीतिक दलों को आंदोलन पर हावी नहीं होने दिया। टेक क्रांति भी: गूगल फॉर्म से टीम बनाई, बिटचैट से किया बिना इंटरनेट संवाद CJP ने वेबसाइट और गूगल फॉर्म से छात्रों के नाम व अन्य डिटेल जुटाकर टीम बनाई। इंस्टाग्राम व एक्स पर हैशटैग, वीडियो और पोस्ट से कार्यक्रम, जगह व निर्देश तुरंत पहुंचाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक कॉले और इलाकेवार वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए। इसके अलावा, आंदोलन के दौरान इंटरनेट बंद होने पर प्रदर्शनकारियों ने ‘बिटचैट’ का इस्तेमाल कर संवाद किया। ———————————- कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से जुड़ी भास्कर की ये खबरें भी पढ़ें…

More From Author

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोंडागांव कांग्रेस ने मनाया जश्न:कहा- युवाओं के संघर्ष की हुई जीत; बांटी मिठाई और आतिशबाजी की

हायर सेकेंडरी स्कूलों में नीट-जेईई की ऑनलाइन क्लासेस शुरू होंगी:सरगुजा कलेक्टर ने दिए निर्देश, कहा- शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए करें प्रयास

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *