देश में मानसून के दूसरी बार एक्टिव होने के साथ ही उत्तर भारत के सभी 14 राज्यों में बारिश का तेज दौर जारी है। इन राज्यों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, बिहार, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश शामिल हैं। शनिवार को भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से उत्तराखंड की भी दो प्रमुख तीर्थयात्राएं प्रभावित हुईं। केदारनाथ मार्ग पर घोड़े-खच्चर की सेवाएं रोक दी गईं और कैलाश-मानसरोवर यात्रियों का एक जत्था भी रुक गया, क्योंकि IMD ने राज्य भर में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी थी। इधर, मौसम विभाग ने अगले 5 दिन उत्तर भारत के मौसम में होने वाले बदलाव को देखते हुए अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा अनिश्चितकालीन के लिए रोक दी है। रविवार को भी उत्तराखंड और सिक्किम, बंगाल के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। राजस्थान, गुजरात और पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश नहीं हो रही है। एमपी के भोपाल में शनिवार को बारिश के लिए एक अनोखा टोटका किया गया। कुछ लोगों ने गधों को गुलाब जामुन खिलाए। दावा है कि ऐसा करने से इंद्रदेव खुश होंगे और बारिश होगी। 19 जुलाई को देश के ऊपर छाए बादलों की सैटेलाइट इमेज… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अरुणाचल में बाढ़ से डेढ़ लाख प्रभावित, केदारनाथ रूट पर लैंड स्लाइड अरुणाचल में बाढ़ और भूस्खलन के इस दौर में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, 29 लोग घायल हुए हैं और 1,49,257 लोग प्रभावित हुए हैं। मानसून की मार से कुल 26 जिले, 328 सर्कल और 576 गांव प्रभावित हुए हैं। इधर, पिथौरागढ़ में, कैलाश-मानसरोवर यात्रा का चौथा जत्था, जिसमें 50 तीर्थयात्री शामिल हैं धारचूला बेस कैंप में रोक दिया गया है। बेस कैंप के इंचार्ज धन सिंह बिष्ट ने बताया कि गरबाधार में भूस्खलन के कारण गुंजी जाने वाला रास्ता बंद हो गया है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 20 जुलाई: 21 जुलाई:
