E20 पेट्रोल से इंजन खराब, डॉक्टर बोले- लड़ाई लड़ेंगे:कहा- रास्ते में बंद हो जाती थी कार,16 महीने से शोरूम में खड़ी, EMI भर रहा

रायपुर में मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार में E20 पेट्रोल डालने के बाद इंजन खराब होने का मामला देशभर में चर्चा में है। उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को 20.50 लाख रुपए लौटाने या नई कार देने का आदेश दिया है। इसके बाद दैनिक भास्कर ने शिकायतकर्ता और किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रेमराज देबता से बातचीत की। उन्होंने कहा, “टैंक से दही जैसी सफेद जैली निकली। कंपनी ने इंजन खराब बताकर इसे ठीक करने के लिए 5.30 लाख रुपए मांगे। 20.50 लाख की नई कार रास्ते में बंद हो जाती थी। पिछले 15 महीने से कार शोरूम में खड़ी है, फिर भी हर महीने 30 हजार रुपए की EMI भर रहा हूं। अगर कंपनी ऊपरी अदालत जाएगी तो मैं भी कानूनी लड़ाई लड़ूंगा।” 14 जुलाई को जिला उपभोक्ता आयोग ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को सेवा में कमी का जिम्मेदार मानते हुए आदेश दिया कि 45 दिनों के भीतर डॉ. देबता को उसी मॉडल की E20 ईंधन के अनुकूल नई कार दी जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो कंपनी को कार की पूरी ऑन-रोड कीमत करीब 20.50 लाख रुपए लौटानी होगी। इसके साथ ही मानसिक परेशानी के लिए मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी देना होगा। आयोग ने माना कि वाहन का इंजन E20 ईंधन के अनुरूप नहीं था, फिर भी ग्राहक को वही कार बेची गई। हालांकि, मारुति सुजुकी ने इस फैसले से असहमति जताई है। कंपनी का कहना है कि संबंधित कार पहले से ही E20 सपोर्टेड थी और आयोग के सामने सभी तथ्य सही तरीके से नहीं रखे गए। इसलिए वह इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देगी। पढ़िए, नई कार खरीदने के बाद डॉ. देबता को किन परेशानियों का सामना करना पड़ा… सवाल: आपने कौन-सी कार खरीदी थी और कब खरीदी? पहली बार गाड़ी में दिक्कत कब आई? जवाब: मैंने मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड Zeta+ वेरिएंट जून 2024 में खरीदी थी। इसकी ऑन-रोड कीमत करीब 20.50 लाख रुपए थी। 5 महीने बाद पेट्रोल भरवाने के बाद जैसे ही मैं निकला, डैशबोर्ड पर इंजन की खराबी का मैसेज आ गया। मैं तुरंत गाड़ी लेकर शोरूम पहुंचा। रायपुर के रिंग रोड मैग्नेटो मॉल स्थित नेक्सा स्काई शोरूम मारुति शोरूम से खरीदी थी। सवाल: शोरूम में जांच के दौरान क्या सामने आया? जवाब: शोरूम में टैंक से पेट्रोल निकालकर बोतल में रखा गया। उसमें ऊपर पेट्रोल था, जबकि नीचे दही जैसे पदार्थ की एक परत जम गई थी। मुझे बताया गया कि यह कंटैमिनेटेड (गुणवत्ताहीन) पेट्रोल हो सकता है। इसी वजह से इंजन में दिक्कत आई। सवाल: इसके बाद आपने क्या किया, पेट्रोल पंप की ओर से क्या जवाब मिला? जवाब: मैं उसी पेट्रोल का सैंपल लेकर जिओ पेट्रोल पंप गया और शिकायत दर्ज कराई। इसके अलावा ई-मेल के जरिए भी शिकायत भेजी। पेट्रोल पंप की ओर से मेल आया कि उनके पेट्रोल में कोई खराबी नहीं है। उन्होंने कहा कि उसी दिन कई गाड़ियों में पेट्रोल भरा गया था, किसी और से शिकायत नहीं मिली। इसलिए समस्या मेरी गाड़ी में ही होगी। सवाल: इसके बाद गाड़ी में क्या स्थिति रही? जवाब: कई दिनों तक यही सिलसिला चलता रहा। टैंक खाली किया जाता, नया पेट्रोल डाला जाता, गाड़ी कुछ किलोमीटर चलती और फिर बीच रास्ते में बंद हो जाती। शोरूम ने एक महीने तक गाड़ी अपने पास रखी और मुझे एक पुरानी मैनुअल लॉन्गर कार दी। सवाल: क्या एक महीने बाद समस्या खत्म हो गई थी? जवाब: नहीं, दिसंबर में गाड़ी वापस मिली। पेट्रोल भरवाकर निकला तो करीब 5 किलोमीटर चलने के बाद फिर वही समस्या आ गई और गाड़ी बंद हो गई। सवाल: उस समय आपकी क्या समझ थी कि समस्या किस वजह से है? जवाब: मुझे बिल्कुल समझ नहीं आ रहा था कि दिक्कत पेट्रोल की है, गाड़ी में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है या हाइब्रिड सिस्टम की कोई तकनीकी समस्या है। इसलिए मैंने कंपनी से स्थायी समाधान, नई गाड़ी या पैसे वापस करने की मांग की थी। कंपनी ने नई गाड़ी देने और पूरा पैसा लौटाने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ ट्रू वैल्यू के हिसाब से करीब 12 लाख रुपए देने की बात कही। जिसे मैंने स्वीकार नहीं किया क्योंकि गाड़ी नई थी और वारंटी में थी। सवाल: कंपनी ने इंजन को लेकर क्या कहा? जवाब: बाद में कंपनी ने कहा कि, पेट्रोल की वजह से इंजन खराब हुआ है। इंजन के पार्ट बदलने का खर्च करीब 5.30 लाख रुपए आएगा, जो वारंटी में कवर नहीं होगा और मुझे ही देना पड़ेगा। साथ ही यह भी कहा गया कि पार्ट बदलने के बाद भी गाड़ी कितनी चलेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसके बाद मैने कन्जुयूमर फोरम में केस दर्ज किया। सवाल: अभी गाड़ी कहां है? जवाब: 29 मार्च 2025 को मैं परेशान होकर गाड़ी शोरूम में छोड़ आया। तब से गाड़ी शोरूम में खड़ी है, लेकिन आज भी मैं कार की EMI भर रहा हूं। हर महीने 30 हजार रुपए मैं बैक में EMI जमा करता हूं। मैंने अपनी पुरानी कार एक्सचेंज करवाई थी और कुछ पैसे दिए थे। 12 लाख रुपए फाइनेंस करवाए थे। जिसकी किस्त आज भी मैं जमा करता हूं। सवाल: आपको कितनी परेशानी हुई ? जवाब: सबसे ज्यादा मानसिक परेशानी उन्हें इसी बात की हुई कि नई कार होने के बावजूद वे अस्पताल जाने के बजाय बार-बार शोरूम के चक्कर लगा रहे थे। मैं डॉक्टर हूं। रोज मरीज देखने होते हैं, लेकिन एक समय ऐसा आ गया था कि मैं सिर्फ कार लेकर शोरूम जाता और वापस लौट आता था। पहले पांच-छह दिन तक टैंक खाली किया जाता रहा, नया पेट्रोल डाला गया, लेकिन कुछ किलोमीटर चलने के बाद कार फिर बीच रास्ते में बंद हो जाती थी। परिवार के लोग भी बेहद परेशान हो जाते थे। बीच रास्ते में गाड़ी खराब होने के कारण बेहद परेशानी होती थी। सवाल: उपभोक्ता आयोग के फैसले के बाद आपको क्या जानकारी मिली? जवाब: फैसले की कॉपी पढ़ने के बाद मुझे पता चला कि जांच में पेट्रोल में 10 से 20 प्रतिशत इथेनॉल की मात्रा पाई गई थी। आदेश में लिखा गया है कि यह गाड़ी E20 फ्यूल के अनुकूल नहीं थी। हालांकि कंपनी का दावा है कि यह E20 सपोर्टेड कार थी। सवाल: इस पूरे मामले में आप किसे जिम्मेदार मानते हैं? जवाब: एक उपभोक्ता के तौर पर मेरी कोई गलती नहीं थी। मैंने प्रतिष्ठित कंपनी से गाड़ी खरीदी, समय पर सर्विस कराई और अधिकृत पेट्रोल पंप से ही पेट्रोल भरवाया। अगर समस्या पेट्रोल की थी या गाड़ी की, दोनों ही स्थिति में नुकसान मुझे उठाना पड़ा। सवाल: उपभोक्ता आयोग ने क्या आदेश दिया है? जवाब: आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया है कि गाड़ी वापस लेकर उसकी पूरी कीमत लौटाई जाए या आदेश के अनुरूप राहत दी जाए। साथ ही 1 लाख रुपए मानसिक प्रताड़ना और 10 हजार रुपए वाद व्यय देने का भी आदेश दिया गया है। सवाल: कंपनी फैसले को चुनौती देने की बात कर रही है, आपका क्या रुख रहेगा? जवाब: अपील करना कंपनी का अधिकार है। वे ऊपरी अदालत जाते हैं तो मैं भी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। मुझे भरोसा है कि आखिर में सच्चाई की ही जीत होगी। सवाल: क्या आप सिर्फ जियो पेट्रोल पंप से ही पेट्रोल भरवाते थे? जवाब: नहीं। मैंने इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, एचपी समेत कई कंपनियों के पेट्रोल पंपों से पेट्रोल भरवाया है। लेकिन अस्पताल के पास होने के कारण जियो पेट्रोल पंप (सरोना) से ज्यादा बार पेट्रोल भरवाया गया था। ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में E-20 पेट्रोल डालने से इंजन खराब:कंज्यूमर कोर्ट बोला- मारुति सुजुकी नई कार दे या 20 लाख लौटाए; देश का पहला मामला देशभर में पेट्रोल में E20 (20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी बीच रायपुर में E20 पेट्रोल से कार के इंजन के खराब होने का मामला सामने आया है। इससे जुड़े मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड और उसके अधिकृत डीलर को जिम्मेदार ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि नई कार दी जाए या 20 लाख लौटाए जाएं। पढ़ें पूरी खबर…

More From Author

पत्नी ने स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाकर मारा:आधी रात बिस्तर पर सांप छोड़ा, लव-मैरिज की थी; मेरठ में वैन ड्राइवर के प्यार में हत्या

वांगचुक का 9.5Kg वजन गिरा, चल नहीं पा रहे थे:चादरें लेकर पहुंचे पुलिसकर्मी, उठाकर ले गए; 21 दिन की भूख हड़ताल की 21 PHOTOS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *