छत्तीसगढ़ में मानसून फिर से एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर एरिया के असर से प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी। वहीं अगले एक सप्ताह तक अलग-अलग जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। आज (शुक्रवार) भी कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। रायपुर, दुर्ग समेत कई इलाकों में रातभर से बूंदाबांदी जारी है। वहीं बिलासपुर में रातभर हुई तेज बारिश से श्रीकांत वर्मा मार्ग, हंसा विहार, मित्र विहार, सरकंडा के बंधवापारा, जोरापारा और शिवम होम्स समेत कई इलाकों की सड़कों और घरों में पानी भर गया। हालात को देखते हुए बिलासपुर जिले के स्कूलों में आज छुट्टी कर दी गई है। उधर, रायगढ़ में गुरुवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से प्रभा एक्का (55) की मौत हो गई। वह जंगल में पुटू (जंगली मशरूम) बीनने गई थीं, तभी अचानक मौसम बदला और बिजली की चपेट में आ गईं। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि सरगुजा संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 31% कम बारिश हुई है। वहीं प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दुर्ग में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड और अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। पहले ये तस्वीर देखिए… रायपुर का मौसम रायपुर में आज (शुक्रवार) दिनभर बादल छाए रहेंगे। बीच-बीच में बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 31°C और न्यूनतम 24°C रहने का अनुमान है। आधे जिले बारिश की कमी से जूझ रहे पिछले कुछ दिन हुई अच्छी बारिश के बाद छत्तीसगढ़ में मानसून की चाल धीमी पड़ गई है। 15 जुलाई तक प्रदेश में 29% कम बारिश हुई है। 32 में से 16 जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। IMD के आंकड़े बताते हैं प्रदेश के एक जिले में बहुत ज्यादा बारिश हुई है। 14 जिलों में बारिश सामान्य हुई है। जबकि 16 जिले बारिश की कमी जूझ रहे हैं। यानी प्रदेश के आधे जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश झेल रहे हैं। सबसे ज्यादा बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ में सारंगढ़-बिलाईगढ़ में में 462.5 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश 265.7 मिमी होती है। यानी यहां 74% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। यह प्रदेश का इकलौता जिला है जो बहुत ज्यादा बारिश की श्रेणी में है। मुंगेली भी सामान्य से काफी आगे मुंगेली में 331.8 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 21% ज्यादा है। यह जिला अधिक बारिश की श्रेणी में शामिल है। वहीं बालोद (+4%), बलौदाबाजार (+9%), बलरामपुर (+6%), दंतेवाड़ा (+14%), दुर्ग (-4%), गरियाबंद (-4%), जांजगीर-चांपा (+13%) में बारिश सामान्य के आसपास बनी हुई है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (+11%), कोरबा (-14%), महासमुंद (+8%), नारायणपुर (-10%), रायपुर (+8%), राजनांदगांव (-13%), सक्ती (+11%), बिलासपुर (-19%) में भी ठीक-ठाक बारिश हुई है। किसानों के लिए महत्वपूर्ण है यह आंकड़ा जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ फसलों की बुआई का सबसे अहम समय होता है। जिन जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम हुई है, वहां धान समेत दूसरी फसलों की बुआई और शुरुआती बढ़वार प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी और किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है।
