छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 17 जुलाई तक चलेगा। सत्र भले ही छोटा हो, लेकिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। एक ओर कांग्रेस सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है, तो दूसरी ओर सरकार भी जवाब देने की रणनीति बना चुकी है। सत्र की शुरुआत पद्म विभूषण तीजन बाई को श्रद्धांजलि के साथ हुई। पहले ही दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत तीन मंत्रियों के विभागों से जुड़े सवाल सदन में गूंजेंगे। वहीं, मंगलवार को कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। नकटी गांव में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाने की भी तैयारी है। सत्र शुरू होने से पहले मंत्री खुशवंत साहेब और दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर अपने सरकारी बंगले से पिंक ईवी ऑटो में सवार होकर विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री और दो मंत्रियों से जुड़े सवाल पहले दिन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विभागों से जुड़े प्रश्न सदन में लगाए गए हैं। इसके अलावा राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा और वन मंत्री केदार कश्यप के विभागों से जुड़े सवालों के जवाब भी सरकार देगी। विधानसभा की कार्यसूची के मुताबिक कई स्थानीय और जनहित से जुड़े मुद्दे प्रश्नकाल में उठाए जाएंगे। भाजपा विधायक भी उठाएंगे अपने क्षेत्र के मुद्दे सत्तापक्ष के विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे सदन में रखेंगे। भाजपा विधायक लता उसेंडी प्रदेश में बीएड-डीएड कॉलेजों की स्थिति और उनसे जुड़े मामलों को उठाएंगी। विधायक जनक ध्रुव भू-राजस्व संहिता के तहत गांवों के बंदोबस्त और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े सवाल सरकार के सामने रखेंगे। धर्मजीत सिंह कोयला भण्डारण का मुद्दा उठाएंगे। सुशांत शुक्ला दंतेवाड़ा के अलनार पहाड़ी में लौह अयस्क खनन का मुद्दा उठाएंगे। रिकेश सेन शहरी इलाकों में पट्टा वितरण से जुड़े सवाल करेंगे। कांग्रेस उठाएगी अतिक्रमण का मुद्दा कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा प्रदेश में अतिक्रमण और उससे जुड़े मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगेंगी। माना जा रहा है कि शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई और उससे प्रभावित लोगों का मुद्दा भी चर्चा में आ सकता है। जबकि कवासी लखमा सुकमा के गावों में विद्युतीकरण से जुड़े सवाल पूछेंगे। नकटी मामला बनेगा सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा मानसून सत्र में सबसे ज्यादा चर्चा नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई की रहने की संभावना है। कांग्रेस पहले ही इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर रही है। विपक्ष का आरोप है कि प्रशासन ने नियमों का पालन किए बिना कार्रवाई की और निर्दोष लोगों के मकानों को नुकसान पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाएगी और सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगेगी। कांग्रेस की कोशिश होगी कि सदन में इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हो। दूसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव सत्र के दूसरे दिन यानी 14 जुलाई को कांग्रेस सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत के कारण प्रस्ताव के पारित होने की संभावना नहीं है, लेकिन इसके जरिए कांग्रेस सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है। इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी नकटी मामले और अविश्वास प्रस्ताव के अलावा कांग्रेस कई अन्य मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है। इनमें प्रमुख रूप से… कांग्रेस का प्रयास रहेगा कि सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरा जाए और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाएं। सरकार भी रहेगी जवाब के लिए तैयार सरकार की ओर से भी सत्र को लेकर तैयारी की गई है। विभागों से प्रश्नों के जवाब पहले ही तैयार कराए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत मंत्री अपने-अपने विभागों से जुड़े सवालों के जवाब देंगे। सरकार का फोकस विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सदन में रखने पर रहेगा। छोटा सत्र, लेकिन राजनीतिक रूप से अहम पांच दिन का यह मानसून सत्र अवधि में भले छोटा हो, लेकिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव, नकटी मामले पर स्थगन प्रस्ताव और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के कारण सदन में कई बार तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। वहीं सरकार भी विपक्ष के हर आरोप का जवाब देने की तैयारी में है। ऐसे में 13 से 17 जुलाई तक चलने वाला यह मानसून सत्र प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण सत्रों में शामिल माना जा रहा है। 1033 सवालों का जवाब देगी सरकार इस बार विधानसभा सचिवालय में कुल 1033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 36 विधायकों ने नियमों के तहत अधिकतम 20-20 प्रश्न लगाए हैं। खास बात यह है कि सवाल पूछने वालों में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायक भी शामिल हैं। क्या होता है अविश्वास प्रस्ताव? अविश्वास प्रस्ताव पूरी सरकार के खिलाफ लाया जाता है। विपक्ष किसी एक या कई प्रमुख मुद्दों को आधार बनाकर यह प्रस्ताव पेश करता है। प्रस्ताव स्वीकार होने पर सदन में सरकार के कामकाज पर चर्चा होती है। इसके बाद मतदान के जरिए तय किया जाता है कि सरकार के पास सदन का बहुमत और विश्वास बना हुआ है या नहीं। ………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… नकटी अतिक्रमण हटाने पर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष: 13 जुलाई से छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र; सड़क-बारिश की व्यवस्थाओं पर होंगे तीखे सवाल छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होगा। सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब तक विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए जा चुके हैं। कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, नकटी भूमि विवाद, बिजली-पानी संकट, सड़क निर्माण और मानसून के दौरान व्यवस्थाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। पढ़ें पूरी खबर…
