इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल आज:लॉर्ड्स में टूर्नामेंट की दो अजेय टीमें आमने-सामने; इंग्लैंड दूसरे, ऑस्ट्रेलिया सातवें खिताब की तलाश में

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच लॉर्ड्स में खेला जाएगा। मेजबान इंग्लैंड एक बार 2009 में और ऑस्ट्रेलिया 6 बार यह टूर्नामेंट जीत चुकी हैं। खास बात यह है कि दोनों टीमें पूरे टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही हैं। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया 6-6 मैच जीतकर फाइनल में पहुंची हैं। ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में इंग्लैंड को तीन बार हराया दोनों टीमों के बीच अब तक 45 टी-20 इंटरनेशनल खेले गए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 23 और इंग्लैंड ने 21 मैच जीते हैं। एक मैच बेनतीजा रहा है। विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में दोनों के बीच 7 मुकाबले हुए हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया ने 5 और इंग्लैंड ने 2 मैच जीते हैं। दोनों टीमें चौथी बार वर्ल्ड कप फाइनल में भिड़ेंगी। इससे पहले 2012, 2014 और 2018 के तीनों फाइनल ऑस्ट्रेलिया ने जीते थे। हालांकि, इंग्लैंड ने लॉर्ड्स में खेले चारों टी-20 इंटरनेशनल जीते हैं। दोनों टीमों ने बिना हारे तय किया फाइनल का सफर ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश, नीदरलैंड, पाकिस्तान और भारत को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज को 8 विकेट से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। दूसरी ओर इंग्लैंड ने श्रीलंका, आयरलैंड, स्कॉटलैंड, वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड को हराया। सेमीफाइनल में उसने साउथ अफ्रीका को 40 रन से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया। पेरी की फिटनेस पर नजर ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे बड़ा सवाल ऑलराउंडर एलिस पेरी की फिटनेस है। वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल में वह क्वाड्रिसेप्स में परेशानी के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गई थीं। हालांकि फाइनल से पहले उन्होंने नेट्स में प्रैक्टिस की। इंग्लैंड को भी सेमीफाइनल से पहले राहत मिली थी। कप्तान नैट सिवर-ब्रंट चोट से लौटते ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ 47 गेंदों में 75 रन की मैच जिताऊ पारी खेली थी। लॉर्ड्स की पिच पर तेज गेंदबाजों को मदद लॉर्ड्स की पिच इस वर्ल्ड कप में तेज गेंदबाजों के लिए सबसे मददगार रही है। यहां नई गेंद से सीम मूवमेंट और उछाल दोनों देखने को मिले हैं। तेज गेंदबाजों की इकोनॉमी पूरे टूर्नामेंट में सबसे बेहतर रही है। हालांकि, इसी मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने ग्रुप स्टेज में भारत के खिलाफ 171 रन का वर्ल्ड कप में सबसे बड़ा टारगेट हासिल किया था। स्पिन बनाम टॉप ऑर्डर की होगी जंग इस टूर्नामेंट में स्पिनरों का दबदबा रहा है। ऑस्ट्रेलिया की सोफी मोलिन्यू (10 विकेट) और जॉर्जिया वेयरहैम (7 विकेट) शानदार फॉर्म में हैं। वहीं इंग्लैंड की सोफी एक्लस्टन और चार्ली डीन 9-9 विकेट ले चुकी हैं। इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड रिकॉर्ड्स पर भी नजर पॉसिबल प्लेइंग-11 ऑस्ट्रेलिया: बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, फोएबे लिचफील्ड, एलिस पेरी, ऐश गार्डनर, जॉर्जिया वेयरहैम, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, सोफी मोलिन्यू (कप्तान), किम गर्थ, लूसी हैमिल्टन। इंग्लैंड: डैनी हॉज, एमी जोन्स (विकेटकीपर), नैट स्किवर-ब्रंट (कप्तान), एलिस कैप्सी, हीदर नाइट, फ्रेया केम्प, डैनी गिब्सन, चार्ली डीन, सोफी एक्लेस्टोन, लिंसी स्मिथ, लॉरेन बेल।

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