EPFO-पोर्टल पर UAN एक्टिवेशन और नया नंबर जनरेट नहीं होगा:अब सिर्फ UMANG एप से होगा काम, जानें इसकी पूरी प्रोसेस

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने करीब एक हफ्ते चले शेड्यूल्ड अपग्रेड के बाद अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल को दोबारा शुरू कर दिया है। इस बड़े सॉफ्टवेयर और डेटाबेस अपग्रेड के बाद पोर्टल का पूरा इंटरफेस बदल गया है। इसके साथ ही EPFO ने अपनी मेंबर सर्विसेज में कई बदलाव किए हैं, जिससे PF खाताधारकों के लिए अब कुछ जरूरी काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। EPFO की वेबसाइट से एक्टिव नहीं होगा UAN इस नए अपग्रेड के बाद EPFO पोर्टल से UAN एक्टिवेशन और सीधे नया UAN जनरेट करने की सुविधा को बंद कर दिया गया है। अब इन दोनों सेवाओं को पूरी तरह से सरकार के उमंग (UMANG) एप पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा अब सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है। EPFO का कहना है कि इस बदलाव से ऑनलाइन सर्विसेज ज्यादा सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद हो जाएंगी। पोर्टल पर क्या बदला? ये हैं 5 मुख्य बातें सॉफ्टवेयर अपग्रेड होने के बाद ईपीएफओ सब्सक्राइबर के लिए जो बदलाव हुए हैं, वे इस प्रकार हैं: अब उमंग एप से UAN एक्टिवेट होगा अगर आप नए कर्मचारी हैं या आपका यूएएन एक्टिवेट नहीं है, तो अब आप इसे EPFO की वेबसाइट से नहीं कर पाएंगे। इसके लिए आपको उमंग एप की मदद लेनी होगी: नया UAN नंबर जनरेट करने का तरीका भी बदला यदि किसी कर्मचारी को नया UAN नंबर जनरेट करना है, तो उन्हें भी उमंग एप का ही इस्तेमाल करना होगा। उमंग (Unified Mobile Application for New-age Governance) भारत सरकार का डिजिटल सर्विसेज प्लेटफॉर्म है, जहाँ ईपीएफओ समेत कई सरकारी विभागों की सेवाएं मिलती हैं। नया UAN बनाने की प्रोसेस पीएफ अकाउंट है लेकिन UAN नहीं, तो क्या करें? ऐसे कर्मचारी जिनका ईपीएफ खाता तो पहले से है लेकिन उन्हें अभी तक यूएएन अलॉट नहीं हुआ है, वे भी नया नंबर ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वेरिफाई करना होगा और मेंबर डिटेल्स देनी होंगी। वेरिफिकेशन पूरा होते ही एक नया यूएएन जनरेट हो जाएगा, जो उनके मौजूदा पीएफ अकाउंट से लिंक कर दिया जाएगा। भूल गए हैं UAN तो पोर्टल से आसानी से मिलेगा: अगर कोई सब्सक्राइबर अपना यूएएन नंबर भूल गया है, तो अपग्रेड किए गए नए पोर्टल पर इसे ढूंढना अब आसान है। इसके लिए यूजर को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालना होगा, जरूरी आईडी या एड्रेस प्रूफ अपलोड करना होगा और मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को वेरिफाई करना होगा। इसके बाद यूएएन स्क्रीन पर आ जाएगा। डेथ क्लेम की सुविधा अभी भी पोर्टल पर रहेगी मौजूद UAN से जुड़ी सर्विसेज को उमंग एप पर शिफ्ट करने के बावजूद, ईपीएफओ ने ‘डेथ क्लेम’ (सदस्य की मृत्यु होने पर पैसे निकालना) फाइल करने की ऑनलाइन सुविधा को अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर ही बरकरार रखा है। क्लेम करने वाले नॉमिनी या लाभार्थी के पास ये चीजें होनी जरूरी हैं: ध्यान रखें: EPFO ने साफ किया है कि सभी दस्तावेज पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में होने चाहिए। हर फाइल का साइज 2 MB से कम होना चाहिए और फाइल के नाम में कोई ‘स्पेस’ नहीं होना चाहिए। क्यों किए गए ये बदलाव और फिलहाल क्या दिक्कत आ सकती है? EPFO के मुताबिक, डेटाबेस को मजबूत करने और सॉफ्टवेयर को मॉडर्नाइज करने के लिए यह अपग्रेडेशन किया गया है ताकि लोगों को बेहतर सर्विस मिल सके। हालांकि, संगठन ने यह भी बताया है कि शुरुआती दो हफ्तों के स्टेबलाइजेशन पीरियड (सिस्टम के सेट होने के समय) के दौरान ऑनलाइन रिक्वेस्ट और क्लेम सेटलमेंट में सामान्य से थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है, क्योंकि अभी अतिरिक्त वेरिफिकेशन और वैलिडेशन चेक किए जा रहे हैं। सदस्यों को सलाह दी गई है कि वे पीक आवर्स (ज्यादा ट्रैफिक वाले समय) में बार-बार लॉगिन करने या एक ही रिक्वेस्ट को बार-बार सबमिट करने से बचें।

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