अब आप टेलीग्राम एप पर फ्री में मिलने वाली पायरेटेड फिल्में और वेब सीरीज डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। केंद्र सरकार ने मैसेजिंग एप से फिल्मों और OTT कंटेंट के पायरेसी वर्जन उपलब्ध कराने वाले चैनल्स और ग्रुप्स को हटाने को कहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज नोटिस जारी कर कंपनी से कहा कि वह अपने प्लेटफॉर्म से पाइरेटेड फिल्मों और वेब सीरीज के सर्कुलेशन को तुरंत रोके और अगले 15 दिन में इस पर लिए गए एक्शन की रिपोर्ट सौंपे। एप को 3 दिन में सरकार का दूसरा नोटिस मिला है। प्लेटफॉर्म लेवल पर कार्रवाई करने का आदेश सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने साफ कर दिया है कि टेलीग्राम अब सिर्फ शिकायतों का इंतजार नहीं कर सकता। सिर्फ एक-एक करके पाइरेसी करने वाले चैनलों को हटाने के बजाय प्लेटफॉर्म लेवल पर पुख्ता सिस्टम बनाना होगा। सरकार का मानना है कि यह सुस्त रवैया इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 और IT रूल्स, 2021 के तहत मध्यस्थों (इंटरमीडियरीज) पर लागू होने वाली ‘ड्यू डिलिजेंस’ की शर्तों को पूरा नहीं करता है। सरकार ने कंपनी को बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चैनलों, ग्रुप्स, बॉट्स, अकाउंट्स, एडमिनिस्ट्रेटर और उनसे जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ एक्शन लेने का निर्देश दिया है। 3000 से ज्यादा चैनल पहले भी ब्लॉक हो चुके हैं सरकार इससे पहले भी पाइरेसी कंटेंट फैलाने वाले 3000 से ज्यादा टेलीग्राम चैनलों पर कार्रवाई कर चुकी है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर आगे भी ऐसा कंटेंट उपलब्ध रहता है या कंपनी की तरफ से अधूरा जवाब मिलता है, तो कानूनी दायरे के तहत और सख्त कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में बताया गया कि कॉपीराइट का उल्लंघन सिर्फ एक सिविल विवाद नहीं है। इसके लिए कॉपीराइट एक्ट 1957 और सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 के तहत क्रिमिनल लायबिलिटी भी तय हो सकती है, जिससे जेल तक हो सकती है। जून में लीक पेपर्स के कारण लगा था बैन इससे पहले जून के महीने में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की सिफारिश पर सरकार ने पेपर लीक मामले में टेलीग्राम पर 16 जून से 22 जून तक प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा, 21 जून को हुई NEET 2026 की दोबारा परीक्षा को देखते हुए सरकार ने टेलीग्राम को 30 जून तक अपना ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर बंद रखने का भी आदेश दिया था। ——————– ये खबर भी पढ़ें… यूजरनेम फीचर पर वॉट्सएप के बाद टेलीग्राम को नोटिस: सरकार ने पूछा- इससे साइबर अपराधों का खतरा, रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे यूजरनेम फीचर को लेकर केंद्र सरकार ने वॉट्सएप के बाद गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और सिग्नल को भी नोटिस भेजा है। सरकार ने पूछा है कि यूजरनेम फीचर के जरिए होने वाली ऑनलाइन ठगी, फर्जी पहचान और साइबर अपराध रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, सरकार ने टेलीग्राम से पूछा कि उसे यूजरनेम फीचर जारी रखने की इजाजत क्यों दी जानी चाहिए। सरकार ने बुधवार को मेटा और वॉट्सएप के यूजरनेम फीचर पर नोटिस जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें…
